ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को इस्तीफा; मुख्य रूप से अपनी ही लेबर पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष, लोकप्रियता में गिरावट और हालिया चुनावी झटकों के कारण देना पड़ा। ब्रिटेन की लेबर पार्टी के पूर्व नेता जेरेमी कॉर्बिन ने एक बार फिर देश की कथित भूमिका की स्वतंत्र जांच कराने की मांग उठाई है। उन्होंने संसद में एक विधेयक दोबारा प्रस्तुत करते हुए ग़ज़ा संघर्ष के दौरान “ब्रिटेन की संभावित संलिप्तता” की सार्वजनिक जांच कराने की अपील की है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि उन्होंने ग़ज़ा, इज़राइल या जेरेमी कॉर्बिन के दबाव के कारण इस्तीफा नहीं दिया, बल्कि मुख्य कारण घरेलू राजनीति, घटती लोकप्रियता और पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर पैदा हुआ संकट था।

कॉर्बिन का कहना है कि यह जांच इस बात का पता लगाने के लिए आवश्यक है कि ग़ज़ा में इज़राइली सैन्य अभियानों के दौरान ब्रिटेन की क्या भूमिका रही। प्रस्तावित जांच में इज़राइल को हथियारों की आपूर्ति, निगरानी विमानों के उपयोग और ब्रिटिश वायुसेना के ठिकानों के इस्तेमाल जैसे मुद्दों को शामिल करने की मांग की गई है।

प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के इस्तीफे की घोषणा के बाद कॉर्बिन ने कहा कि सरकार बदल सकती है, लेकिन ग़ज़ा संघर्ष के दौरान लिए गए फैसलों और उनकी जवाबदेही को भुलाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की जिम्मेदारी है।
गौरतलब है कि कॉर्बिन ने पिछले वर्ष भी इसी प्रकार का विधेयक पेश किया था, लेकिन तत्कालीन सरकार ने उसे संसद में आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने ग़ज़ा पर एक विशेष जन-ट्रिब्यूनल का आयोजन किया, जिसमें फ़िलिस्तीनी नागरिकों, चिकित्सकों, राहतकर्मियों और कानूनी विशेषज्ञों ने अपनी गवाही प्रस्तुत की।

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