स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुई उच्चस्तरीय वार्ता के दूसरे दिन; दोनों देशों के संबंधों में नरमी के संकेत दिखाई देने लगे हैं। इसी क्रम में अमेरिका ने ईरान के लगभग 12 अरब डॉलर के फ्रीज़ हुए फंड जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। इसके साथ ही ईरान को अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग प्रणाली और वैश्विक बाजारों तक सीमित पहुंच देने पर भी सहमति बनी है।

सबसे महत्वपूर्ण बदलाव ईरान के तेल उद्योग से जुड़े अमेरिकी प्रतिबंधों में राहत को माना जा रहा है। वर्षों से प्रतिबंधों के कारण ईरान को अपना तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी छूट पर बेचना पड़ता था, क्योंकि कई देश अमेरिकी प्रतिबंधों के डर से ईरानी तेल खरीदने से बचते थे। अब नई व्यवस्था के तहत ईरान अपने तेल की बिक्री अंतरराष्ट्रीय बाजार में पूर्ण कीमत पर कर सकेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ईरान की अर्थव्यवस्था को सैकड़ों करोड़ डॉलर की अतिरिक्त आय प्राप्त होगी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अन्य प्रतिबंधों में और ढील तभी दी जाएगी, जब ईरान समझौते में निर्धारित शर्तों और मानकों का पूरी तरह पालन करेगा।
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों के अनुसार यह कदम पश्चिम एशिया में तनाव कम करने और दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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