नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार गौतम गंभीर पर दो वोटर कार्ड होने के मामले पर कार्रवाई को लेकर पहली बार चुनाव आयोग का बयान आया है. दिल्ली के मुख्य निर्वाचन कार्यालय ने सोमवार को कहा कि बीजेपी उम्मीदवार गौतम गंभीर के दो वोटर पहचान पत्र होने के मामले में शिकायत मिलने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी. आम आदमी पार्टी की पूर्वी दिल्ली की उम्मीदवार आतिशी ने क्रिकेटर से नेता बने गौतम गंभीर के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए आरोप लगाया था कि मतदाता के तौर पर वह राजेंद्र नगर और करोलबाग विधानसभा क्षेत्र में पंजीकृत हैं जो जनप्रतिनिधि कानून का उल्लंघन है.

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रणबीर सिंह ने कहा, ‘हमें मीडिया में आई खबरों से जानकारी मिली कि गंभीर दिल्ली में एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत हैं. हमें इस बारे में अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है. शिकायत मिलते ही हम जांच शुरू करेंगे और उचित कार्रवाई करेंगे.’ चुनाव आयोग चुनावों से पहले अक्सर मतदाता सूची में दोहरे नामों का पता लगाकर उन्हें हटा देता है.

यह पूछने पर कि क्या अधिकारी गंभीर के मामले में नाम में दोहराव का पता लगाने में विफल रहे तो एक अधिकारी ने कहा, ‘एक सॉफ्टवेयर के माध्यम से दोहरे नामों को हटाने की प्रक्रिया की जाती है. इस तरह की अनियमितताएं पकड़ने में अगर सॉफ्टवेयर विफल रहता है तो इसके लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है.’

बहरहाल, गंभीर ने आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि उनके पास केवल एक वोटर आईडी कार्ड है. उन्होंने कहा था, ‘मेरा राजेंद्र नगर से केवल एक वोटर आईडी कार्ड है. मैं रामजस रोड (करोलबाग) में अपने दादा-दादी के साथ रहता था, लेकिन वहां से मैंने कभी वोटर कार्ड के लिए आवेदन नहीं किया या वोट नहीं दिया.’ बता दें कि दिल्ली में 12 मई को मतदान होना है.