बोगोटा। कोलंबिया के राष्ट्रपति चुनाव में दक्षिणपंथी उद्योगपति और वकील अबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला ने बेहद करीबी मुकाबले में जीत दर्ज कर देश के नए राष्ट्रपति बनने का रास्ता साफ कर लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थित माने जाने वाले 47 वर्षीय डे ला एस्प्रिएला ने दूसरे चरण के चुनाव में वामपंथी उम्मीदवार और सीनेटर इवान सेपेदा को मामूली अंतर से पराजित किया।

इस जीत के साथ कोलंबिया की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। निवर्तमान राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो के कार्यकाल में सरकार ने सामाजिक असमानता कम करने, सशस्त्र समूहों के साथ शांति वार्ता चलाने और गाज़ा युद्ध को लेकर इज़राइल से दूरी बनाने जैसी नीतियां अपनाई थीं। पेट्रो सरकार ने इज़राइल को कोयले का निर्यात भी रोक दिया था तथा अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में दक्षिण अफ्रीका द्वारा दायर मामले का समर्थन किया था।

नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डे ला एस्प्रिएला ने चुनाव प्रचार के दौरान इज़राइल के साथ संबंधों को फिर से मजबूत करने का वादा किया था। उन्होंने कोलंबियाई दूतावास को यरुशलम स्थानांतरित करने की भी बात कही है।
विश्लेषकों का मानना है कि नई सरकार देश की आर्थिक, विदेश और आंतरिक नीतियों में व्यापक बदलाव कर सकती है, जिससे कोलंबिया की दिशा आने वाले वर्षों में बदल सकती है।

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