२१ जून; स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुई उच्चस्तरीय वार्ता के पहले दिन सकारात्मक प्रगति देखने को मिली है। वार्ता के मध्यस्थ पाकिस्तान और क़तर ने बताया कि दोनों देशों ने 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए एक साझा रोडमैप पर सहमति व्यक्त की है। इसके साथ ही लेबनान में सैन्य गतिविधियों को समाप्त करने और तनाव कम करने के उद्देश्य से एक विशेष “डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल” स्थापित करने पर भी सहमति बनी है।

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हिज़्बुल्लाह को ईरान के समर्थन को लेकर तेहरान को चेतावनी देते हुए सैन्य कार्रवाई की धमकी दी थी। इसके जवाब में ईरान के प्रमुख वार्ताकार, मोहम्मद बागेर ग़ालीबाफ़ ने कहा कि अमेरिका को अपनी भाषा और बयानों में संयम बरतना चाहिए।

उधर, इज़राइल के रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने स्पष्ट किया है कि दक्षिणी लेबनान में इज़राइली सेना की मौजूदगी आवश्यकता पड़ने तक जारी रहेगी। वहीं हिज़्बुल्लाह ने युद्धविराम समझौते के किसी भी उल्लंघन का जवाब देने की चेतावनी दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित 60 दिनों की समयसीमा के भीतर समझौता हो जाता है, तो क्षेत्र में लंबे समय से जारी तनाव को कम करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

स्रोत : अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां / लाइव वार्ता रिपोर्ट

Adv from Sponsors