पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बुधवार सुबह अचानक सर्विस लेन धंस गई. इसी दौरान तेज स्पीड से आ रही एक एसयूवी इस सर्विस लेन में जा गिरी. सर्विस लेन का यह गड्ढा थोड़ा नहीं, बल्कि 50 फीट गहरा था और कार उसके बीच में जाकर अटक गई. इसे ऊपर वाले का चमत्कार कहिए कि कार सीधे गड्ढे में जाकर फंसी, जिससे कार में बैठे लोग सुरक्षित बाहर निकाले जा सके.

यह हादसा बुधवार सुबह डौकी क्षेत्र के वाजिदपुर पुलिया पर हुआ. बताया जा रहा है कि कार में चार लोग सवार थे. वे मुंबई से कन्नौज आ रहे थे. इस हादसे में बाल-बाल बचे लोगों ने बताया कि वे लोग कन्नौज के रहने वाले हैं. वे मुंबई से कार खरीदकर लौट रहे थे.

कार सवार रचित ने बताया कि उसके साथ परिवार के तीन अन्य लोग मौजूद थे. आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर वे जीपीएस की मदद से चल रहे थे. जीपीएस लॉस्ट हो जाने के कारण  वे सर्विस लेन पर आ गए. उनकी गाड़ी की स्पीड तेज थी, इसलिए सर्विस लेन पर उन्हें कोई गड्ढा नहीं दिखा. जब तक ड्राइवर ब्रेक लगाता, उनकी गाड़ी 50 फीट गड्ढे में जा गिरी.

इधर लोगों की नजर पड़ते ही वे घटनास्थल पर पहुंचे. पुलिस को सूचना दी गई और लोगों की मदद से कार सवारों को बाहर निकाला गया. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अगर कार थोड़ी भी टेढ़ी होती, तो सीधे 50 फीट गहरे गड्ढे में जाती और कार सवारों का बचना मुश्किल होता. समाजवादी सरकार में इस एक्सप्रेसवे को 22 महीने के रिकॉर्ड समय में बनाया गया था. इसे बनाने में 13,200 करोड़ रुपए खर्च हुए थे. एक्सप्रेसवे का उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 21 नवंबर 2016 को किया था. यह एक्सप्रेसवे 302 किलोमीटर लंबा है.

अखिलेश यादव ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को विकास का मॉडल बताया था. अब इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं. इससे पहले आगरा विकास प्राधिकरण द्वारा बनाए गए इनर रिंग रोड में दरारें आई थीं.

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