दिनभर में सात हजार से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों पर प्रवेश-निकास की पाबंदी रात दस बजे तक बढ़ाई गई।
नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2026 | रात 8:05 बजे तक उपलब्ध जानकारी
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बुलाए गए प्रदर्शन के दौरान शनिवार को दिल्ली में सीजेपी के नेताओं, विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों, छात्र कार्यकर्ताओं और अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। शाम को पुलिस अधिकारियों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, दिनभर में सात हजार से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।
यह दिनभर की कार्रवाई का आंकड़ा है। इनमें से कितने लोग अब भी हिरासत में हैं, इसकी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है। कुछ प्रदर्शनकारियों और वकीलों को छोड़े जाने की पुष्टि हुई है।
विमान उतरते ही सीजेपी नेताओं को रोका गया
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान उतरने के बाद हिरासत में लिया गया। वे जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंचे थे।
संगठन की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया।
सीजेपी ने कार्रवाई का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि उसके नेताओं को शांतिपूर्ण प्रदर्शन में पहुंचने से रोका गया। दीपके का पहले से रिकॉर्ड किया गया वीडियो भी जारी किया गया, जिसमें उनकी गैरमौजूदगी में अजिंक्य शिंदे को प्रदर्शन का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
विपक्ष के कई प्रमुख चेहरे भी हिरासत में
अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी को भी प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश के दौरान हिरासत में लिया गया। आम आदमी पार्टी के अनुसार, संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और अनुराग ढांडा को भी रोका गया।
ममता बनर्जी के साथ हिरासत में लिए गए तृणमूल कांग्रेस नेताओं में डेरेक ओब्रायन, डोला सेन, समीरुल इस्लाम, प्रतिमा मंडल और साकेत गोखले के नाम सामने आए हैं।
वाम दलों के पिनरायी विजयन, माणिक सरकार, एमए बेबी, बृंदा करात, एमवी गोविंदन, केके शैलजा, पीके श्रीमति, जॉन ब्रिटास और केएन बालगोपाल को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है।
छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं पर भी कार्रवाई
आईएनए और दिल्ली हाट की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों में योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण और छात्र नेता नेहा बोरा को हिरासत में लिया गया। आइशी घोष को भी रोके जाने की जानकारी सामने आई।
शाम को नेहा बोरा और उनके साथ हिरासत में लिए गए कुछ लोगों को छोड़े जाने की खबर आई। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और सॉलिसिटर जनरल के हस्तक्षेप के बाद कई वकीलों को भी रिहा किया गया।
दिल्ली से बाहर प्रदर्शन के समर्थन में हुए कार्यक्रमों के दौरान मनीष सिसोदिया को चंडीगढ़ और तुषार गांधी को मुंबई में हिरासत में लिए जाने की जानकारी है।
पुलिस ने सुरक्षा का हवाला दिया, विपक्ष ने उठाए सवाल
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। पुलिस ने आवेदन की समयसीमा, पिछले प्रदर्शन में निर्देशों के कथित उल्लंघन और कानून-व्यवस्था संबंधी चिंताओं का हवाला दिया।
विपक्षी नेताओं और आयोजकों ने कार्रवाई को विरोध की आवाज दबाने की कोशिश बताया। सीजेपी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और फॉर्म-6 से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है। ये आरोप हैं; इन्हें इस प्रदर्शन से सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।
मेट्रो के गेट रात दस बजे तक बंद
डीएमआरसी ने 45 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद रखने की अवधि शाम छह बजे से बढ़ाकर रात दस बजे तक कर दी। यह पूरे मेट्रो नेटवर्क को बंद करने का आदेश नहीं है। आगे की व्यवस्था सुरक्षा समीक्षा और नई सूचना पर निर्भर करेगी।
हिरासत में लिए गए प्रमुख लोगों के खिलाफ औपचारिक गिरफ्तारी, एफआईआर और धाराओं की पूरी पुष्ट सूची अभी उपलब्ध नहीं है। इसलिए सभी को गिरफ्तार बताना सही नहीं होगा। उनकी रिहाई और किसी नई कानूनी कार्रवाई की स्थिति अगली जानकारी आने पर स्पष्ट होगी।











