पिछले दिनों सियासी उथल-पुथल का केंद्र रहा कर्नाटक एकबार फिर से राजनीति अस्थिरता के दौर में जाता दिख रहा है. राज्य की सियासी गतिविधियों पर गौर करें, तो कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर संकट के बादल मंडराते दिख रहे हैं. हालात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि 5 जुलाई को एचडी कुमारस्वामी के बजट पेश करने को लेकर भी अभी संशय है. सोमवार को कुमारस्वामी के इस बयान ने भी अटकलों को तेज कर दिया कि मैं किसी की दया से मुख्यमंत्री नहीं बना हूं. उन्होंने कहा कि आपने (कांग्रेस) ने मुझे खैरात में यह सीट नहीं दी है. आप इसका ध्यान रखें. मुझे चिंता नहीं कि मैं कब तक कार्यकाल में रहूंगा.

महज चार हफ्ते पुरानी सरकार से ही इसके अधिकतर विधायकों के नाराज होने की खबर है. ऐसे हालात में गठबंधन सरकार की तरफ से विधायकों से बातचीत के भी कोई प्रयास नजर नहीं आ रहे. कांग्रेस के कुछ असंतुष्ट नेताओं की ओर से भी संवाद की कोई पहल नहीं हो रही है. कर्नाटक की गठबंधन सरकार के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि कांग्रेस के अधिकतर नाराज नेता सरकार गिराने के लिए भाजपा से संपर्क कर रहे हैं. गौर करने वाली बात यह भी है कि हाल में वायरल हुए एक विडियो में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया बजट और पूर्ण कर्ज माफी को लेकर कुमारस्वामी के फैसले के खिलाफ बात करते दिख रहे हैं.

ऐसे में जबकि सरकार संकट में है, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया छुट्‌टी पर हैं. सिद्धारमैया जेडी (एस)-कांग्रेस समन्वय समिति के अध्यक्ष भी हैं. लेकिन वे अभी हिमाचल के धर्मशाला में नैचुरोपैथी के जरिए अपना इलाज करा रहे हैं. उन्होंने बजाब्ता कह भी दिया है कि वे अभी पूर्णतया ब्रेक पर हैं और अपने उपचार के दौरान फोन कॉल्स भी नहीं उठा रहे हैं. इधर, कांग्रेसी सुस्ती के बीच भाजपा की सक्रियता कुछ ज्यादा बढ़ गई है. भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात के लिए अहमदाबाद गए हुए हैं. उनके इस अचानक दौरे ने अटकलों को तेज कर दिया है.

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