कोलंबिया के राष्ट्रपति चुनाव में वामपंथी नेता इवान सेपेदा एक प्रमुख दावेदार के रूप में उभरकर सामने आए हैं। शांत स्वभाव और मानवाधिकारों के पक्षधर माने जाने वाले सेपेदा लंबे समय से राज्य हिंसा के पीड़ितों के अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहे हैं। उनके समर्थक उन्हें सामाजिक न्याय का प्रतीक मानते हैं, जबकि आलोचकों का कहना है कि सत्ता प्रतिष्ठान को चुनौती देने के कारण वे वामपंथी राजनीति के “नायक” बन गए हैं।

रविवार को होने वाले रन-ऑफ चुनाव में सेपेदा का मुकाबला दक्षिणपंथी उम्मीदवार एबेलार्डो दे ला एस्प्रिएला से होगा, जिन्होंने पहले चरण में 43 प्रतिशत मत प्राप्त कर बढ़त बनाई थी। अपराध और सुरक्षा को प्रमुख मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ रहे एस्प्रिएला को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन भी प्राप्त है।

दूसरी ओर, सेपेदा सामाजिक कल्याण योजनाओं के विस्तार, कृषि सुधारों और आर्थिक असमानता को कम करने के एजेंडे के साथ मैदान में हैं। उन्होंने निवर्तमान राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो की नीतियों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ अधिक व्यापक सुधारों का वादा किया है।

विश्लेषकों के अनुसार, कोलंबिया में वामपंथी राजनीति पहले से अधिक मजबूत हुई है, लेकिन मतदाता अब भी देश की भावी दिशा को लेकर बंटे हुए हैं। ऐसे में यह चुनाव कोलंबिया की राजनीति के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।

Adv from Sponsors