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लगातार राम मंदिर का मुद्दा सियासी गलियारों में इस कदर गरमाया हूआ है कि जहां देखों वहीं सियासी नुमाइंदों के सियासी बाण से केवल अयोध्या ही निकल रहा है. अब इसी कड़ी में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने मीडिया से बातचीत के दौरन उन तमाम संशय का खुलासा किया जो कि इस समय जनता जनार्दन के मन में चल रहा है.

बता दें कि जब आलोक कुमार से ये पूछा गया कि क्या आप ये धर्मसभा की बैठक करके और राम मंदिर के निर्माण को फिर से हवा देकर आगामी लोकसभा चुनाव में बीजेपी की मदद नहीं कर रहे हैं तो उन्होंने कुछ इस तरह से जबाव देते हुए कहा कि हम बीजेपी की कोई मदद नहीं कर रहे हैं. हम केवल इतना चाहते हैं कि अयोध्या में जल्द से जल्द भगवान राम का भव्य राम मंदिर बने.

इतना ही नहीं, उन्होंने अपने जारी किए गए बयान में ये भी कहा कि अगर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राम मंदिर के मुद्दे को लेकर अपना खुला समर्थन दें तो हम भी उनका खुलकर समर्थन करेंगे.

साथ ही जब उनसे ये सवाल किया गया कि जैसा की आपके नेता और शिवसेना के नेता अनवरत इस बात की धमकी दिए जा रहे हैं कि अगर अयोध्या में इस बार भव्य राम मंदिर का निर्माण नहीं हुआ तो हम 6 दिसंबर 1992 वाले अपने कृत्य को दोबारे से दोहराएंगे. इस सवाल पर उन्होंने कहा कि आप आश्वस्त रहे. हमारा कोई भी कार्यकर्ता किसी भी प्रकार की हिंसा पर उतारू नहीं होगा.

उन्होंने इस बात को भी पाक साफ करते हुए कहा कि हमारा कार्यक्रम शिवसेना के कार्यक्रम से पूरे तरीके से अलग है. हमने कार्यक्रम की घोषणा गत 5 अक्टूबर को ही कर दी थी. हमारा कार्यक्रम शिवसेना के कार्यक्रम से पूरे तरीके से अलग है.

गौरतलब है कि आगामी 25 अक्टूबर को अयोध्या में धर्मासभा की विराट बैठक होने जा रही है और इस विराट बैठक में बड़ी संख्या में देश भर से आए साधू-संत हिस्सा लेने जा रहे हैं.

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