दिल्ली की एक अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज बैंक कर्ज धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में पूछताछ के लिए रतुल पुरी की हिरासत को चार दिनों के लिए बढ़ा दिया. स्पेशल जज संजय गर्ग ने ईडी की याचिका पर यह आदेश दिया, जिसमें पुरी की हिरासत चार दिन और बढ़ाने की मांग की गई थी. आरोपी की तरफ से पेश वकील ने ईडी के अनुरोध का विरोध नहीं किया, जिसके बाद अदालत ने आदेश जारी कर दिया.

अदालत ने कहा, “पूरी साजिश का पता लगाने के लिए जांच एजेंसी को सक्षम बनाने की दृष्टि से, अपराध के सुराग का पता लगाना, अन्य अज्ञात सह-अभियुक्त व्यक्तियों की पहचान करना और दस्तावेजों के रिकॉर्ड के साथ अभियुक्तों को कठघरे में लाने के लिए अभियुक्तों की हिरासत की अवधि चार दिनों के लिए बढ़ायी जाती है.”

रतुल पुरी के वकील ने नहीं किया हिरासत बढ़ाने का विरोध

रतुल पुरी की आगे की हिरासत की मांग करते हुए, ईडी ने अदालत को बताया कि “जांच के दौरान दस्तावेजों के बहुत सारे रिकॉर्ड इकट्ठे किए गए हैं और समय की कमी के कारण, इन दस्तावेजों के साथ उनसे पूछताछ नहीं की जा सकी है.” एजेंसी ने कहा कि पूरी तरह से साजिश का पता लगाने के लिए गहन पूछताछ करने, अन्य अज्ञात आरोपी व्यक्तियों का पता लगाने, आपराधिक गतिविधियों के सुराग का पता लगाने के लिए हिरासत की अवधि को चार दिन और बढ़ाने की जरूरत है.

आरोपी की ओर से पेश वकील विजय अग्रवाल ने कहा कि हालांकि आरोपी ईडी की याचिका के तर्क को स्वीकार नहीं कर रहे हैं, लेकिन वह जांच एजेंसी के साथ पूरी तरह से सहयोग करने के अपने प्रयास में हिरासत बढ़ाने का विरोध नहीं करते हैं.

दिल्ली HC ने भी की थी अग्रिम जमानत याचिका खारिज

ईडी ने बैंक कर्ज धोखाधड़ी से जुडे मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में पुरी को 20 अगस्त को गिरफ्तार किया था. अदालत ने 26 अगस्त को पुरी की ईडी हिरासत को चार दिन बढ़ा दिया था. इससे पहले अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले से जुड़े एक और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें कहा गया कि मामले की “एक प्रभावी जांच के लिए उनसे हिरासत में पूछताछ जरूरी है.”

हेलीकॉप्टर घोटाले में यहां केंद्रीय जांच एजेंसी के सामने पेशी के बाद पुरी को बैंक कर्ज धोखाधड़ी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया गया है. ईडी ने इस सिलसिले में उनके और अन्य लोगों के खिलाफ एक ताजा आपराधिक मामला दर्ज किया, जिसमें सीबीआई की प्राथमिकी का संज्ञान लिया गया था.

ED, CBI और IT विभाग कर रहा है रतुल पुरी की जांच

पीएमएलए के तहत नवीनतम मामला 17 अगस्त की सीबीआई प्राथमिकी से सामने आया जो सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा दायर 354 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले के संबंध में दर्ज किया गया था. इसमें रतुल पुरी, उनके पिता दीपक पुरी, मां नीता (कमलनाथ की बहन) और अन्य को नामजद किया गया. इस प्राथमिकी के बाद सीबीआई ने कई जगहों पर छापे मारे थे.

सीबीआई ने पुरी परिवार, संजय जैन और विनीत शर्मा जैसे अन्य व्यक्तियों के खिलाफ कथित आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार के आरोप में मामला दर्ज किया था. रतुल पुरी अभी तीन प्रमुख केंद्रीय जांच एजेंसियों- ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग की आपराधिक जांच के घेरे में हैं.