प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार से धनशोधन के एक मामले में शुक्रवार को चार घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की. अधिकारियों ने बताया कि शिवकुमार शाम करीब साढ़े छह बजे खान मार्केट में लोक नायक भवन स्थित एजेंसी के मुख्यालय पहुंचे. कांग्रेस नेता के साथ उनके समर्थक भी थे. वह रात करीब 11:45 बजे मुख्यालय से निकले. अधिकारियों ने बताया कि धनशोधन रोकथाम कानून के तहत कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार का बयान दर्ज कर लिया गया है.

पेशी पर ये बोले कांग्रेस नेता

बताया जा रहा है कि मामले के जांच अधिकारी ने उन्हें शनिवार को फिर से बयान दर्ज कराने के लिए कहा है. कर्नाटक के कनकपुरा से विधायक डीके शिवकुमार ने कहा, ‘‘यह मेरा कर्तव्य है (पेश होना). मुझे कानून का सम्मान करना है. हम कानून बनाने वाले और कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं. ईडी ने मुझे बुलाया है. मुझे नहीं पता कि उन्होंने मुझे धनशोधन रोकथाम कानून के तहत क्यों बुलाया है.’’

कांग्रेस नेता ने कहा कि वह ईडी का सामना करने के लिए तैयार हैं. गुरुवार को कर्नाटक हाईकोर्ट ने शिवकुमार की वह याचिका खारिज कर दी थी जिसमें उन्होंने ईडी द्वारा जारी किए गए समन को चुनौती दी थी. इसके बाद उन्हें एजेंसी के सामने पेश होना पड़ा. इससे पहले, शिवकुमार ने संकेत दिया कि 2017 में राज्यसभा चुनाव के दौरान गुजरात के कांग्रेस विधायकों को कर्नाटक के एक रिसॉर्ट में सुरक्षित रखने में उनकी ‘महत्वपूर्ण भूमिका’ आयकर छापों और बाद में ईडी की कार्रवाई के कारण हैं.

पिछले साल दर्ज हुआ था मामला

केंद्रीय एजेंसी ने पिछले साल सितंबर में शिवकुमार और दिल्ली स्थित कर्नाटक भवन के एक कर्मचारी और अन्य के खिलाफ धनशोधन का मामला दर्ज किया था. ईडी का मामला आयकर विभाग द्वारा पिछले साल बेंगलुरु की एक विशेष अदालत के समक्ष दायर एक आरोपपत्र पर आधारित है जिसमें करोड़ों रुपये की कर चोरी और हवाला लेनदेन का आरोप लगाया गया था.