नई दिल्ली, (राज लक्ष्मी मल्ल) : हवाई यात्रा करने वालों के लिए एक बड़ी खबर है कि यात्रा करने वाले यात्रियों के आपके पास आधार, पैन या पासपोर्ट में से किसी एक का होना जरुरी होगा नहीं तो आपको हवाई यात्रा तो दूर आपको हवाई टिकट ही नहीं बुक करा पाएंगे. आने वाले तीन से चार महीनों में हवाई यात्रियों को टिकट बुकिंग के समय आधार, पैन या पासपोर्ट संख्या जैसी डिजिटल पहचान जानकारियां एयरलाइन्स से शेयर करना अनिवार्य हो जाएगा. यह बदलाव यात्रियों के सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रख कर किया जायेगा. डिजिटल पहचान हवाईअड्डों पर यात्रा को कागज रहित यात्रा करने के लिए किया जाएगा.

नागर विमानन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि सरकार ने एक तकनीकी समिति गठित की है जो 30 दिन के भीतर एक श्वेत पत्र तैयार करेगी. सिन्हा ने कहा, ‘विशिष्ट पहचान सुनिश्चित करने के लिए बहुत से रास्ते हैं. स्पष्ट तौर पर इसके लिए आधार संख्या के माध्यम से पहचान सबसे उचित तरीका है और अन्य तरीकों में पैन संख्या या पासपोर्ट संख्या शामिल हैं.’ यह जानकारी खुद सिविल एविएशन मिनिस्टर जयंत सिन्हा ने गुरुवार ट्वीट कर बताया.

डिजिटल प्रणाली का ऑप्शन सेलेक्ट करने पर यात्रियों को कागज रहित और बाधा रहित यात्रा का अनुभव होगा. अगर गलती से आपका पहचान पत्र घर पर ही रहा गया हो तो आपको किसी की प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़ें। बड़े ही आसानी से आपको हवाई अड्डा पर एंट्री मिल जाये. हालांकि यात्रियों के पास डिजिटल प्रणाली के अलावा भी बोर्डिंग पास एकत्रित करने का ऑप्शन खुला रहेगा लेकिन वह बाधा रहित यात्रा का लाभ उठाने से वंचित रह जाएंगे.

सिन्हा ने स्पष्ट करते हुए कहा कि विशिष्ट पहचान पुष्टि के साथ एक बार टिकट बुक करने वाले यात्रियों की डिजिटल जानकारी और पीएनआर उनके डिजिटल बोर्डिंग पास की तरह काम करेगी.

उन्होंने कहा कि जो आधार के माध्यम से टिकट बुक कराएंगे उन्हें हवाईअड्डों पर सिर्फ आंखों या उंगली का स्कैन करना होगा और जो लोग आधार के अलावा अन्य वैकल्पिक दस्तावेज उपलब्ध कराएंगे उन्हें उनके मोबाइल पर एक क्यूआर कोड भेजा जाएगा जो हवाईअड्डों पर स्कैन किया जाएगा.

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