Sharad Yadav with Upendra kushvaha
एनडीए से बाहर आने के बाद रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा आक्रामक तेवर में दिख रहे हैं. उन्होंने नीतीश सरकार के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है. प्रेस कॉन्फ्रेंंस में उन्होंने खुलकर कहा कि नीतीश कुमार के राज में बिहार में घोर अन्याय हुआ है. उन्‍होंने कहा कि राज्य सरकार हर मोर्चे पर असफल साबित हुई है. कुशवाहा ने नीतीश पर कई आरोप भी लगाया. उन्‍होंने कहा कि नीतीश कुमार और भाजपा ने मिलकर उनकी पार्टी रालोसपा को बर्बाद करने की कोशिश की. उन्होंने कहा, नीतीश का अजेंडा मुझे बर्बाद करने का था. मेरी पार्टी को नुकसान पहुंचाने का प्रयास उनकी तरफ से होता रहा.

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अब एनडीए और मोदी सरकार से कुशवाहा के अलग होने के बाद बिहार की सियासत में बहुत जल्द एक और कहानी लिखी जानी है. पटकथा लगभग तैयार है और बहुत जल्द पूरी तस्वीर सामने आ जाएगी. दिल्ली से लेकर पटना तक इसके लिए जबरदस्त तैयारी कर ली गई है. बताया जा रहा है कि इस कहानी को भाजपा विरोधी कई बड़े दलों और नेताओं का समर्थन प्राप्त है. जानकार सूत्र बताते हैं कि शरद यादव की पार्टी लोकतांत्रिक जनता दल का उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोसपा में विलय होने जा रहा है.

इस विलय को राहुल गांधी से लेकर लालू प्रसाद तक का आशीर्वाद प्राप्त है. बताया जा रहा है कि शरद यादव रालोसपा में कोई पद नहीं लेंगे बल्कि गार्जियन की भूमिका में रहेंगे और उपेंद्र कुशवाहा के लिए रास्ता आसान करेंगे. गौरतलब है कि उपेंद्र कुशवाहा की कांग्रेस अध्य क्ष राहुल गांधी से भी बातचीत हो चुकी है.

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