ओडिशा की राजनीति में नई हलचल तब पैदा हुई जब पूर्व आईएएस अधिकारी और वी. के. पांडियन की पत्नी सुजाता राउत कार्तिकेयन गुरुवार को बीजू जनता दल (बीजेडी) में शामिल हो गईं। उन्हें पार्टी में शामिल किए जाने को पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की दीर्घकालिक राजनीतिक रणनीति और उत्तराधिकार योजना से जोड़कर देखा जा रहा है। इसे पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की दीर्घकालिक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रही है, जिनमें जमीनी नेताओं का भाजपा में जाना और पार्टी के भीतर बढ़ता असंतोष शामिल है।

कार्तिकेयन के बीजेडी में शामिल होने से कुछ वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी की खबरें सामने आई हैं। इस पर नवीन पटनायक ने साफ किया कि पार्टी का नेतृत्व उनके हाथ में ही रहेगा। उन्होंने कहा, “अगले चुनाव में भी मैं ही बीजेडी का नेतृत्व करूंगा। इसे पूरी तरह स्पष्ट करना चाहता हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि कार्तिकेयन पार्टी में एक साधारण सदस्य के रूप में काम करेंगी।
नवीन पटनायक के राजनीतिक जीवन में हमेशा कोई न कोई विश्वसनीय सहयोगी रहा है, जो सरकार और पार्टी के संचालन में उनकी मदद करता रहा है। पहले यह भूमिका पूर्व नौकरशाह प्यारिमोहन महापात्र निभाते थे, लेकिन वर्ष 2012 में मतभेदों के बाद उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया था।

पिछले कुछ वर्षों में पटनायक के सबसे करीबी सहयोगी वी. के. पांडियन रहे हैं, जो मुख्यमंत्री कार्यालय में उनके निजी सचिव भी रह चुके हैं। 2024 के चुनावों से पहले उन्हें पार्टी का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता था, हालांकि चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।

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