अयोध्या। राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े दान प्रबंधन को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है। एक राष्ट्रीय समाचार-पत्र की विशेष जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वर्ष 2020 में तैयार की गई एक ऑडिट रिपोर्ट ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नकद दान के प्रबंधन में संभावित अव्यवस्थाओं को लेकर पहले ही आगाह किया था। रिपोर्ट के अनुसार मंदिर निर्माण के लिए बड़ी मात्रा में प्राप्त होने वाले नकद दान के सुरक्षित रख-रखाव, गणना और रिकॉर्ड संधारण के लिए स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) निर्धारित नहीं थी।
जांच में यह भी कहा गया है कि ऑडिटरों ने ट्रस्ट को दान संग्रहण और लेखांकन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी तथा जवाबदेह बनाने की सलाह दी थी। हालांकि ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों का कहना है कि समय-समय पर व्यवस्थाओं में सुधार किए गए हैं और सभी वित्तीय लेन-देन नियमानुसार संचालित किए जाते हैं।
राम मंदिर देश की आस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र है, इसलिए दान राशि के प्रबंधन से संबंधित किसी भी सवाल को गंभीरता से देखा जा रहा है। इस खुलासे के बाद प्रशासनिक पारदर्शिता, वित्तीय जवाबदेही और धार्मिक संस्थाओं के लेखा-प्रबंधन को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। फिलहाल ट्रस्ट की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

राम मंदिर के दान प्रबंधन पर उठे सवाल, ऑडिट रिपोर्ट में अव्यवस्था की चेतावनी
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