नई दिल्ली, (राज लक्ष्मी मल्ल) : नागपुर में महिंद्रा एंड महिंद्रा तथा ओला के मदद से देश में शुरू हुए पहली इलेक्ट्रिक वाहन परियोजना के उद्घाटन के मौके पर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा में कहा किर देश में स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने के लिए दो लाख इलेक्ट्रिक बसों के निर्माण व संचालन में मदद मुहैया कराएगी. जिसके लिए जापान के साफ्ट बैंक के साथ सस्ते कर्ज लेने पर बात चल रही है.

आपको बता दें कि 200 इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरुआत नागपुर से की जाएगी। नागपुर देश का पहला इलेक्ट्रिक वाहन शहर बनेगा. यह इलेक्ट्रिक वाहन योजना सार्वजनिक परिवहन के तौर पर चलाया जाएगा.

नितिन गडकरी इस इलेक्ट्रिक वाहन योजना को पूरे देश में लागू करना चाहते हैं. इसके तहत ओला के दो सौ ई-वाहन, जिनमें टैक्सी, आटो रिक्शा, ई-रिक्शा, व ई-बसें शामिल हैं. ये वाहन शहर में चलाए जाएंगे.

गडकरी का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहन की तर्ज पर बायो एथनॉल, बायो सीएनजी वाहनों को भी बढ़ावा दिया जाएगा. इससे पेट्रोलियम आयात को कम किया जा सकेगा. इसके लिए गन्नो की खोई, धान की पराली, कपास के डंठल व बांस की पत्तियों को जलाने के बजाय बायो ईंधन बनाने में उपयोग किया जाएगा और ऐसे उद्योग लगाने को बढ़ावा दिया जाएगा. निगमों के कचरे से एथनॉल बनाने के लिए पंद्रह उद्योगों के साथ करार किया गया है.

इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि अभी तो यह शुरुआत है। इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के लिए देशभर में चार्जिंग स्टेशन खोले जाएंगे. इस योजना के तहत हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा.

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