नई दिल्ली : वैसे तो दिल्ली एमसीडी चुनाव आगामी 23 अप्रैल को हैं, लेकिन उससे पहले ही भाजपा ने छह सीटें गंवा दी. 2014 का लोकसभा चुनाव जीतने के बाद से ही लगभग हर चुनावों में अजेय दिख रही भाजपा के लिए किसी चुनाव पूर्व यह बड़ा झटका माना जा रहा है. गौर करने वाली बात ये है कि इसमें न तो विपक्षी पार्टियों का हाथ है और न ही किसी का कोई षडयंत्र, अपनी ही संगठनात्मक गलती के कारण भाजपा छह सीटों पर चुनावी लड़ाई से भाजपा बाहर हो गई है.

दरअसल, चुनाव आयोग ने दिल्ली निगम चुनाव के लिए नामांकन भरने वाले छह भाजपा उम्मीदवारों का नामांकन रद्द कर दिया है. आयोग की तरफ से ऐसा इसलिए किया गया है, क्योंकि वे नियत समय पर नामांकन दाखिल नहीं कर सके थे. बताया जा रहा है कि भाजपा ने उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट जारी करने में छह घंटे से ज्यादा की देरी कर दी, जिसके चलते उम्मीदवारों का नामांकन रद्द हो गया.

कहा जा रहा है कि पार्टी आलाकमान की तरफ से उम्मीदवारों की लिस्ट पहले ही फाइनल की दी गई थी, लेकिन उसके बावजूद उम्मीदवारों तक उनकी उम्मीदवारी पर मुहर की खबर समय पर नहीं पहुंच सकी, जिसके कारण ये देरी हुई. पार्टी प्रमुख अमित शाह ने इस पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है.
गौरतलब है कि 272 सीटों वाले दिल्ली नगर निगम में अभी भाजपा का कब्जा है. लेकिन छह उम्मीदवारों का नामांकन रद्द हो जाने के बाद अब भाजपा 266 सीटों पर ही चुनाव लड़ सकेगी.

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