पीएनबी फ्रॉड का मामला सामने आने के बाद सभी बैंकों ने अपनी शाखाओं में तीन साल से ज्यादा समय से जमे बैंक अधिकारियों के ट्रांसफर की तैयारी शुरू कर दी है. यह लिस्ट   21 फरवरी तक फाइनल हो जाएगी. सीवीसी के निर्देश पर यह कार्रवाई की जा रही है.

सीवीसी ने बैंकों के लिए यह निर्देश इसलिए जारी किए थे, क्योंकि तीन साल से ज्यादा समय तक एक ही जगह पर टिके बैंक अधिकारियों के घोटाले में शामिल होने की आशंका ज्यादा होती है. 5 साल से ज्यादा समय तक एक ही शाखा में टिके क्लर्कों की भी लिस्ट तैयार की जा रही है.

कभी-कभी बैंक के पास किसी खास ब्रांच में पोस्टिंग के लिए योग्य व्यक्ति उपलब्ध नहीं होने के कारण भी एक अधिकारी को लंबे समय तक एक ही ब्रांच में रखा जाता है.   गौरतलब है कि सरकारी बैंकों में 4 लाख से ज्यादा स्टाफ हैं. सीबीआई अब तक मुंबई में करीब 13 बैंक अफसरों को गिरफ्तार कर चुकी है.

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