पति के झगड़े से तंग आकर पत्नी ने उठाया ये कदम, जिसने भी सुना रह गया दंग

महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी पुणे में दिल दहलादेने वाला मामला सामने आया है. जहां रोज- रोज के झगड़े से तंग आकर पत्नी ने पति पर खौलता हुआ तेल उड़ेल दिया. मामला पुणे के भवानी पेठ इलाक़े का है. इस घटना में महिला का पति सलीम शेख बुरी तरह झुलस गया. जबकि सलीम की पत्नी घटना […]

अन्नदाता किसान उतरे सड़कों पर, कहा आश्वासन बहुत हुआ अब मांगें पूरी हो

देश की जनता का पेट भरने वाले किसान एक बार फिर से महराष्ट्र की सड़कों पर अपनी मांगों को लेकर उतर चुके हैं. बता दें कि बीते मंगलवार से ही उत्तरी महराष्ट्र समेत अन्य हिस्सों से किसान आनंद नगर इलाके में एकजुट हो रहे है. उनका कहना है कि हमारी मांगों के एवज में हमें […]

कपास के ये बीज कहीं क़ातिल न बन जाएं

महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में 60 लाख संदिग्ध कपास के बीज बिक रहे हैं, कपास के ये बीज कहीं क़ातिल न बन जाएं अभी देश के कई राज्यों में हर्बीसाइड टॉलेरेंट (कीट प्रतिरोधी) और आनुवंशिक रूप से संशोधित (जीएम) कपास के बीज की बढ़ती बिक्री ने किसानों को खतरे में डाल दिया है. इस खतरे की […]

रत्नागिरी रिफाइनरी परियोजना, किसानों को मज़दूर बनाने का षड्‌यंत्र

बीते 30 मई को राजापुर के गांधी मैदान में करीब 15,000 गांववाले इस परियोजना को वापस करने की मांग को लेकर जमा हुए थे. इसमें पुरुषो और युवाओं के साथ महिलाओं ने भी भारी संख्या में भाग लिया. स्थानीय मछुआरा समुदाय पूरी तरह से इसका विरोध कर रहा है. इस समुदाय के ज्यादातर लोग भूमिहीन […]

भू-अधिग्रहण में अटकी मोदी की बुलेट ट्रेन

प्रधानमंत्री मोदी की महत्वाकांक्षी अहमदाबाद मुंबई बुलेट-ट्रेन परियोजना भूमि अधिग्रहण के झमेले में फंस गई है. गुजरात और महाराष्ट्र के हज़ारों किसान बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए खेतिहर जमीन का अधिग्रहण किए जाने के सरकारी फैसले के खिलाफ अहमदाबाद से मुंबई तक जगह-जगह धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. यही नहीं, आंदोलनकारी किसान अधिग्रहीत की गई […]

शांतिपूर्ण किसान आन्दोलन, क्या ये तू़फान से पहले की शांति है

200 किलोमीटर का लॉन्ग मार्च. इसके बावजूद सड़क पर न गन्दगी फैली और न शहरवालों की नींद हराम हुई. न बच्चों की परीक्षा में खलल पड़ा, न कोई खोमचा-ठेला वाला लूटा गया. ऐसा लॉन्ग मार्च, ऐसा आन्दोलन तो कोई सच्चा गान्धीवादी ही कर सकता है. देश की मौजूदा राजनीतिक विडंबना देखिए कि किसानों के लॉन्ग […]

भीमा-कोरेगांव आंदोलन दलित पुनर्जागरण की कहानी है

महाराष्ट्र में भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा की वारदात ने व्यापक पैमाने पर पांव पसारने शुरू कर दिए हैं. दरअसल ये सिर्फ मानसिक तनाव का परिणाम है. पांच सौ या छह सौ साल पहले शिवाजी के वंशज जब कमजोर पड़े, तो पेशवाओं ने शासन सूत्र अपने हाथ में ले लिए. इन पेशवाओं को दबाने के […]

महाराष्ट्र में जातीय हिंसाः संघ ने कहा, दोषियों को सजा मिले 

महाराष्ट्र में भड़की जातीय हिंसा में एक शख्स की मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण बना है. पुणे के समीप भीमा-कोरेगांव लड़ाई की 200वीं सालगिरह पर आयोजित कार्यक्रम में दो गुटों के बीच झड़प हुई थी. देखते-देखते मुंबई, पुणे, औरंगाबाद और अहमदनगर के अलावा कई अन्य शहरों में हिंसा फैल गई. कई दलित संगठन बुधवार को […]

सर्वशिक्षा अभियान की विफलता है स्कूल बंदी

महाराष्ट्र की भाजपा सरकार ने कम छात्र संख्या वाले 4093 प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों को बंद करने का फैसला किया है. जनवरी तक इनमें से 1300 स्कूलों को बंद किया जाना है. सरकार का तर्क है कि इन स्कूलों में छात्रों की संख्या दस या उससे भी कम होने के कारण इन स्कूलों को बंद […]

महाराष्ट्र के पहले मुख्यमंत्री और विपक्ष के पहले नेता यशवंतराव बलवंतराव चव्हाण

भारत में पहला आम चुनाव 1951 में हुआ, लेकिन हमारे लोकतंत्र को पहला विपक्षी नेता मिला 1977 में और वो थे यशवंतराव बलवंतराव चव्हाण. वाईबी चव्हाण महाराष्ट्र के पहले मुख्यमंत्री और भारत के पांचवे उप प्रधानमंत्री थे. वे एक मजबूत नेता, स्वतंत्रता सेनानी, सामाजिक कार्यकर्ता और लेखक थे. जनहित के लिए सदैव आगे रहने की […]

किसान विरोधी सरकारी नीतियों के खिला़फ एकजुट हुए किसान संगठन : किसानों की मुक्ति यात्रा

बीते 16 जून को देश भर के 100 से ज्यादा छोटे-बड़े किसान संगठनों ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू कराने, कर्जमाफी और फसलों के सही मूल्य जैसे मुद्दों को लेकर एक साझा आंदोलन का फैसला किया. दिल्ली के गांधी शांति प्रतिष्ठान में आयोजित एक बैठक में सभी संगठनों ने एकमत से एक समन्वय समिति गठित […]

देश के किसान क्यों निराश हैं

वर्ष 2016 में भरपूर फसल के साथ आयात कीमतें 63 फीसदी तक नीचे हुई हैं. नोटबंदी के कारण नकदी में भी कमी हुई. पिछले छह दशकों से वर्ष 2011 तक 3.5 लाख करोड़ रुपए निवेश करने के बावजूद आधे से अधिक किसान वर्षा पर निर्भर हैं. हम बता दें कि निवेश की गई यह राशि  […]

लोगों को दबाकर महान प्रधानमंत्री नहीं बन सकते

देश की स्थिति ठीक नहीं है. जैसा कि हम सब जानते हैं, ये मुख्य रूप से कृषि आधारित अर्थव्यवस्था है और किसान देश की रीढ़ हैं. लोगों की ऐसी सोच बन गई है कि कृषि क्षेत्र पर उचित ध्यान नहीं दिया गया है. सारा ध्यान उद्योग और बड़ी योजनाओं ने अपनी ओर आकर्षित कर लिया […]

चुनाव जीतने के लिए देश को नुक़सान मत पहुंचाइए

किसान आन्दोलन ने एक ऐसा मोड़ ले लिया है, जो न सिर्फ राजनीति या सार्वजानिक जीवन से जुड़े लोगों के लिए, बल्कि अख़बार के एक आम पाठक के लिए भी चिंता की बात है. ऐसा नहीं है कि यह आन्दोलन अप्रत्याशित था, क्योंकि श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने चुनावी भाषणों में यह वादा किया था […]

किसानों के पास चारा क्या है!

महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के साथ पूरे देश में निर्णायक करवट ले रहा किसान किसानों के पास चारा क्या है! मंदसौर में प्रदर्शनकारी किसानों पर फायरिंग के बाद और उग्र हुआ आंदोलन यूपी में भी किसानों के सड़क पर उतरने की तैयारी, गांवों में हो रही हैं बैठकें स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू होने पर ही […]

आरएसएस क्या है?

मैंने राजनीति में 1937 में प्रवेश किया. उस समय मेरी उम्र बहुत कम थी. मैंने मैट्रिक की परीक्षा जल्दी पास कर ली थी, इसलिए कॉलेज में भी मैंने बहुत जल्दी प्रवेश किया. उस समय पूना में आरएसएस और सावरकरवादी लोग एक तरफ और राष्ट्रवादी व विभिन्न समाजवादी और वामपंथी दल दूसरी तरफ थे. मुझे याद […]

वन अधिकार क़ानून : खाता ना बही, जो सरकार कहे वही सही

महाराष्ट्र के पालघर जिला के कलेक्टर के दफ्तर के सामने 1,500 अनुसूचित जनजाति के किसानों ने वन अधिकार कानून के तहत ज़मीन पर अपना अधिकार हासिल करने के लिए विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया. इन किसानों ने कलेक्टर के दफ्तर के सामने लंबी लाइन बना कर सत्याग्रह की शुरुआत की. इन किसानों ने वर्ष […]

बीएमसी चुनाव: एमआईएम की शानदार पारी

महाराष्ट्र के बीएमसी चुनावों में भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना ने जबरदस्त जीत दर्ज की तो वहीं, औवेसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लेमीन (एआईएमआईएम) ने भी शानदार पारी खेलकर सबको हैरान कर दिया. खुद को धर्मनिरपेक्षता की ध्वजवाहक कहने वाली पार्टियां कांग्रेस और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) इस चुनाव में ताश के पत्तों की […]

लोकतंत्र के रास्ते में अवरोध पैदा करना गलत है

जयललिता की मृत्यु के बाद शशिकला को एआईएडीएमके ने अपना नेता चुन लिया है. यह पार्टी का आंतरिक मामला है कि वे किसे अपना नेता चुनते हैं. विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद भी गवर्नर का उनके शपथग्रहण में विलंब करना गवर्नर के अधिकार क्षेत्र से बाहर का मामला है. यह हकीकत है […]

आश्रमशालाओं में 15 साल में 1500 आदिवासी बच्चों की हुई मौत सैकड़ों मासूमों की मौत का ज़िम्मेदार कौन

महाराष्ट्र में खमगांवा ताल्लुका स्थित आश्रमशाला में 70 आदिवासी बच्चियां रहती हैं. यहां से एक बच्ची पिछले साल दिवाली की छुट्‌टी में अपने घर गई थी. वह घर में अपनी मां से पेट दर्द की शिकायत करती है. मां आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीक के अस्पताल में ले जाती है. जांच के बाद डॉक्टर […]

शासन करने के लिए परिपक्वता की आवश्यकता होती है

हफ्ते-दर-हफ्ते राजनीतिक संवाद का स्तर लगातार गिरता जा रहा है. अब यह कहा जा रहा है कि शरद पवार को पद्मविभूषण इसलिए दिया गया है, क्योंकि भाजपा चाहती है कि वो उसके प्रति अपना रवैया नर्म कर लें. ताकि महाराष्ट्र में शिवसेना के समर्थन वापस लेने की स्थिति में एनसीपी का समर्थन लेकर भाजपा सत्ता […]

सलाहियत है, लेकिन दिल की कमी है

हमारी पार्टी ने फैसला किया था कि अगर थोड़ी सी जानकारी मिल जाए कि हमारी तरफ से कहां-कहां जाना मुमकिन हो तो हम भी अपनी तऱफ से जा कर बातचीत करें. कई इंटेलेक्चुअल ग्रुप के साथ मेरी बात हुई. दो-तीन मीटिंग्स हुई. मैं महाराष्ट्र भी गया था. मैंने कोलकाता में भी कहा था कि अब […]

मराठा क्रांति मोर्चा : आरक्षण आर्थिक बदहाली का हल नहीं है

महाराष्ट्र में मराठा क्रांति मोर्चा की चर्चा इन दिनों काफी तेज है. मराठा समुदाय अपनी मांगों के साथ राज्य के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन कर रहा है. मूल रूप से यह आंदोलन कोपर्डी में एक लड़की के बलात्कार के बाद शुरू हुआ था. धीरे-धीरे यह आंदोलन पूरे राज्य में फैल गया और अब यह राज्यव्यापी […]

ग़िलानी साहब, आपका ये बयान दुखद है

आज एक अजीब सा सवाल दिमाग में घूम रहा है. क्या हम अपनी मांगों के समर्थन में इतनी दूर चले जाएं कि कब हमने सीमा रेखा लांघी, ये याद ही न रहे. कश्मीर में दुख है, दर्द है, तकलीफ है और आजादी के बाद या कश्मीर के भारत में विलय के शर्तनामे पर दस्तखत के […]

बीजेपी का साथ बाबा का विकास

बाबा रामदेव का इन दिनों एकमात्र लक्ष्य है अगले दो-तीन वर्षों में हर्बल उत्पाद व उपभोक्ता वस्तुओं की कारोबारी कंपनी पतंजलि के मुनाफे को 50 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचाना. बाबा इस कंपनी के ब्रांड एंबेसडर हैं और उनके करीबी सहयोगी बालकृष्ण इस कंपनी का संचालन करते हैं. पतंजलि उत्पादों के प्रचार के लिए योग […]

कहीं केशव ही तो नहीं होंगे मुख्यमंत्री का चेहरा? : जोड़तोड़ और भगदड़ के बीच उठ रहे सवाल

भारतीय जनता पार्टी दो सवालों से घिरी हुई है. पहला यह कि विभिन्न पार्टियों से भाजपा की ओर जो भगदड़ दिखाई दे रही है, उससे भाजपा को लाभ होगा या नुकसान? दूसरा सवाल, जो काफी दिनों से पूछा जा रहा है कि भाजपा उत्तर प्रदेश के आगामी चुनाव में भावी मुख्यमंत्री के रूप में किसे […]

नक्सल प्रभावित इलाकों में किसान कर रहे पर्ल फार्मिंग : मोती उत्पादन से बदली तक़दीर

जोश और जुनून हो तो विपरीत परिस्थितियों में भी राह निकल आती है. महाराष्ट्र में नक्सल प्रभावित इलाका गढ़चिरौली व चंद्रपुर जिले कभी किसानों की आत्महत्या की वजह से चर्चा में रहते थे. यहां के किसानों के बारे में कहा जाता था कि वे कर्ज में ही जन्म लेते हैं, कर्ज में जीते हैं और […]

महाराष्ट्र के प्याज उत्पादक किसान : नीतीश कुमार ने कृषि मंत्री को लिखा पत्र

किसान मंच ने पूछा, स्वामीनाथन आयोग की स़िफारिशों का क्या हुआ मध्य महाराष्ट्र के किसानों ने इस साल प्याज का रिकॅार्ड  उत्पादन किया, लेकिन हालत यह है कि किसानों को लागत मूल्य निकालना भी मुश्किल हो रहा है. नासिक में इस बार किसानों को एक रुपये किलो तक में अपना प्याज बेचना पड़ा है, जबकि […]

सरकार सूखे को राष्ट्रीय समस्या घोषित कर निदान करे

अभी-अभी जब मैं संपादकीय लिखने बैठा हूं तो खबर आई कि पंजाब में चार किसानों ने आत्महत्या कर ली है. आत्महत्या की खबरें इतनी आम हो गई हैं कि उनकी चिंता न टेलीविजन को है, न अखबारों को है और न संसद को है. हमारी संसद में किसी भी तरह के भ्रष्टाचार के मामले पर […]

प्रधानमंत्री जी! अभी भी चेत जाने का वक्त है

अाने वाले दिन या महीने देश के लोगों की जान पर आने वाले संकट के दिन होंगे. लोग चिंतित और परेशान हैं, क्योंकि सूखे की आशंका सारे देश में सामने दिखाई दे रही है. पानी की कमी का ख़तरा सामने दिखाई दे रहा है. और जब मैं लोग कहता हूं तो उसका मतलब गांव में […]