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नई दिल्ली। कर्नाटक सरकार अपने राज्य की अलग पहचान बनाना चाहती है। सिद्धरमया सरकार ने इसके लिए राज्य का अलग झंडा बनाने की बात कही है, वो इसके लिए गंभीर कदम भी उठा रहे हैं। उन्होंने नौ सदस्यों की कमेटी भी बनाई है, जो इसके लिए मान्यता दिलाने को लेकर काम करेगी।

अगर ऐसा होता है तो कर्नाटक दूसरा राज्य बन जाएगा जिसकी अपनी अलग पहचान होगी। इससे पहले जम्मू-कश्मीर का अपना अलग झंडा है। कांग्रेस की सरकार के इस फैसले के बाद केंद्र की मोदी सरकार के ‘एक राष्ट्र और एक निशान’ का नारे पर खतरे के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं।

कर्नाटक सरकार के इसे से फैसले से राज्य में किसी बड़े विवाद को जन्म लेने की संभावना प्रबल हो गई है। दरअसल, यहां 2012 से ही इसकी मांग विधानसभा में उठाई गई थी, लेकिन उस वक्त की बीजेपी सरकार ने इसे खारिज कर दिया था।

उन्होंने कहा कि हमारा राष्ट्रीय ध्वज देश की एकता, अखंडता और सम्प्रभुता का निशान है और अगर राज्य का अलग झंडा होगा तो, यह हमारे राष्ट्रीय ध्वज का महत्व भी कम हो जाएगा। ऐसा होने पर लोगों में प्रांतवाद की भावना को भी बढ़ावा मिलेगा।

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