देवघर सदर अस्पताल झारखंड का एकमात्र आईएसओ प्रमाणित अस्पताल है. सदर अस्पताल में मरीज़ों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के नाम पर प्रति महीने लाखों का खर्च स्वास्थ्य विभाग की ओर से किया जाता है, लेकिन स्थिति बद से बदतर ही होती जा रही है. गंभीर रूप से घायल रोगियों को देखते ही बाहर रेफर करने का फरमान जारी होने लगता है. ग़रीब मरीजों को कई दिनों तक इलाज के लिए भटकना आम बात है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के कार्डधारियों को भी चक्कर लगाते आसानी से देखा जा सकता है. बेचारे आरएसवीवाई कार्डधारी थक कर वापस घर चले जाते हैं. सदर अस्पताल का अल्ट्रासाइंड, एक्स रे, कार्डियो एवं ईसीजी विभाग महिनो बंद रहता है, जिससे ग़रीब रोगियों को बाज़ार में प्राइवेट चिकित्सालयों का सहारा लेना पड़ता है. पैथोलॉजी विभाग की भी लचर व्यवस्था के कारण अधिकांश रोगियों को बाज़ारों के चक्कर लगाने पड़ते हैं.

– रणजीत झा

फटाफट हो दाखिल खारिज: राजू

साहेबगंज के विधायक राजकुमार राजू दाखिल खारिज में अप्रवासी भारतीयों को होने वाली परेशानी को लेकर खासे चिंतित हैं. उनका कहना है कि अप्रवासी भारतीय जब अपने देश आते हैं तो कई तरह की व्यस्तताओं के कारण बहुत कम समय निकाल पाते हैं. दाखिल खारिज जैसे कामों के लिए इनके पास प्रर्याप्त समय नहीं बच पाता है. इसलिए बेहतर होगा अगर सरकार इस काम में रेल आरक्षण की तरह तत्काल सेवा लागू कर दे. कुछ अतिरिक्त शुल्क का भुगतान कर दाखिल खारजि में उन्हें प्राथमिकता दी जाए ताकि उनका समय बच सके. राजू को उम्मीद है कि सरकार इस पर गंभीरता से विचार करेगी.

– चौथी दुनिया ब्यूरो

नेपाल से आया तेंदुआ मारा गया

सहरसा ज़िले के नवहट्टा प्रखंड के मुरादपुर गांव में ग्रामीणों ने नेपाल के जंगल से भटकर आए एक तेंदुए को आत्मरक्षा में तेज़ हथियार से मार डाला. तेंदुए को मार गिराने की यह कोई पहली घटना नहीं है. क़रीब पांच दशक पूर्व जोतकी ठाकुर के पिता ने लोटकी से ही एक बाघ को मार डाला था. लोगों का कहना है कि वे जब भोज खाने के लिए मुरादपुर से तेलहर जा रहे थे तो बीच रास्ते में नहरखामरथान के बीच बाघ से सीधी टक्कर हो गई और उन्होंने लोटकी से ही पीट-पीटकर बाघ को मार डाला था. इस ताज़ा घटना के बाद ग्रामीणों ने सुरक्षा हेतु गांव में वन विभाग के कर्मियों को तत्काल तैनात करने की भी मांग की है.

– मारूति पासवान

कमर्शियल बैंक न होने से मुश्किल

दाउदपुर के स्थानीय बाज़ार में पर कमर्शियल बैंक न होने से आए दिन व्यवसायियों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है. मालूम हो कि इस बाज़ार पर क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोग छोटी-ब़डे व्यवसाय करते हैं. इस बाज़ार पर रोज़ाना करीब 20 लाख रुपये का ट्रान्जेक्शन होता है. व्यवसायियों के लिए सिरदर्द यह है कि इस पैसे को सुरक्षित रखने के लिए कोई व्यवसायिक बैंक नहीं है. एक मात्र ग्रामीण बैंक के सहारे इस बाज़ार का कार्य-व्यापार होता है. यहां के व्यवसायियों का कहना है कि हमें ट्रान्जेक्शन को सुरक्षित रखने के लिए यहां से दूर करीब 10 किमी एकमा या 25 किमी छपरा जाना पड़ता है. रास्ते में किसी अनहोनी घटना का भय सताता रहता है. सबसे बड़ी परेशानी ड्राफ्ट बनवाने में होती है. इतनी दूर जाकर असुरक्षित माहौल में घंटो लाइन लगाकर ड्राफ्ट बनाना मजबूरी होती है.

– रिंकी पांडेय

ईदगाह का निर्माण न होने से गुस्सा

बीते साल की भीषण बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुई ईदगाह के निर्माण की मांग को लेकर खगड़िया प्रखंड अंतर्गत माड़र पंचायत के लोगों ने आंदोलन का ताना-बाना बुनना शुरू कर दिया है. माड़र दक्षिणी पंचायत निवासी मौलाना जहुर आलम के दरवाजे पर इस मसले को लेकर आयोजित बैठक में आक्रोशित लोगों का कहना था कि विधायक और सांसद की बेरु़खी के कारण ईदगाह का निर्माण अभी तक नहीं हुआ है. इस संदर्भ में बार-बार ज़िलाधिकारी के साथ-साथ बिहार सरकार से गुहार लगाने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा न होना मुसलमान भाईयों के प्रति बेरु़खी दिखाता है. ज़िला राजद अकलियत के मो. जुल्फकार अली ने कहा कि मुसलमान भाईयों के आस्था के केंद्र ईदगाह का निर्माण अगर अविलंब नहीं कराया गया तो उग्र आंदोलन होगा.

खगड़िया में बे़खौ़फ डीलर

जनवितरण प्रणाली विक्रताओं की मनमानी का मामला हमेशा सुर्खियों में रहने के बाद भी आ़खिर डीलरों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हो पा रही है! यह बात लोगों के जेहन में हिलोरें मार रही है. चाहे डीएम का जनता दरबार हो या अनुश्रवण समिति की बैठक, उनमें अगर डीलरों की करतूत का बखान नहीं हो तो शायद बैठक की सार्थकता ही पूरी ही न हो. खगड़िया अनुमंडल कार्यालय में आयोजित अनुमंडल अनुश्रवण समिति की बैठक में एक बार फिर डीलरों की मनमानी का मामला सदस्यों ने उठाया. अनुमंडल पदाधिकारी ने सदस्यों को कार्रवाई का भरोसा तो दिलाया. लेकिन लगता नहीं है कि इस बार भी एसडीओ साहब कोई ठोस कार्रवाई कर सकेगें. खैर, सदस्यों को ऐसा लगता है कि दाग़दार डीलर इस बार नपेंगे.

निकेतन ने मनवाया अपना लोहा

खगड़िया ज़िला मुख्यालय स्थित कोसी महाविद्यालय के स्थापना दिवस अवसर पर कॉलेज के मैदान में तीन दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. कॉलेज के प्राचार्य मोती प्रसाद सिंह के द्वारा उद्घाटित तथा क्री़डा परिषद अध्यक्ष प्रो. अब्दुल सलाम अंसारी, उपाध्यक्ष प्रो. तौसीफ मोहसीन, पीटीआई रामशरण ठाकुर व सुरेश बैठा की देख-रेख में आयोजित इस प्रतियोगिता की तीन सौ मीटर दौड़ में संतोष कुमार ने प्रथम, आशीष कुमार ने द्वितीय तथा हरिवंश कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया. इसी तरह पन्द्रह सौ मीटर की रेस में अमित कुमार ने प्रथम जबकि संतोष कुमार ने द्वितीय स्थान हासिल किया. आठ सौ मीटर की दौड़ में राजीव कुमार, चार सौ मीटर के दौड़ में अमित कुमार तथा दो सौ मीटर की दौड़ में निकेतन कुमार ने अपना लोहा मनवाते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया. मौके पर प्रो. वासिम, प्रो. आनंद, प्रो. राममोहन सिंहा, प्रो. राजकुमार सिंह, प्रो. राजकुमार तुल्सयान, प्रो. चंदेल आदि उपस्थित थे.

– चौथी दुनिया ब्यूरो

बदहाली में मधेपुरा का ठाकुर टोला

मधेपुरा के ठाकुर टोला का नाला उफन कर सड़क पर बह रहा है. यह स्थिति लगभग दो महीने से बनी हुई है, लेकिन फिर भी नगर परिषद या प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है. इस मोहल्ले का नाला सड़क के बीच स्थित है. आसपास के घरों की महिलाएं बताती हैं कि घर में भी गंदा पानी घुस रहा है. इसके लिए वार्ड पार्षद से लेकर नगर परिषद के कार्यपालक अभियंता से कई बार आवेदन देकर नाला सा़फ कराने का आग्रह किया है, लेकिन उन्हें इस ओर देखने की फुर्सत ही नहीं है.

घटिया सामग्री से निर्मित पुल ध्वस्त

किशनगंज की भाटाबाड़ी पंचायत अंतर्गत आमबाड़ी गांव के समीप विधायक निधि से आठ माह पूर्व निर्मित पुल ध्वस्त हो गया. इसके चलते पिछले कुछ दिनों से चार पहिया वाहनों का आवागमन बाधित है. ग्रामीणों ने बताया कि टैक्टर के गुज़रने के तुरंत बाद दो स्पेन का पुल ढह गया. लोगों का कहना है कि पुल के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया था. इस संबंध में ग्रामीणों ने ज़िला पदाधिकारी को शिकायत भेज दी है.

– चौथी दुनिया ब्यूरो

टिकट लेने में भारी परेशानी

छपरा सीवान रेलखंड पर स्थित, दाउदपुर रेलवे स्टेशन पर बुकिंग क्लर्क के न होने से यात्रियों को टिकट लेने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. सबसे ज़्यादा परेशानी तो महिला, बूढ़े यात्रियों को होती है, जो लाइन में ज़्यादा देर तक खड़े नहीं रह सकते. कई यात्रियों को तो धक्का मुक्की में टिकट भी नहीं मिल पाता है और मजबूरन बिना टिकट यात्रा करनी पड़ती है, जिससे रेलवे को भी राजस्व कि क्षति होती है. जबकि प्रावधान है कि 1500 रोज़ाना टिकट बिक्री पर बुकिंग क्लर्क रखना है और इस स्टेशन पर 1800 टिकट की रोजाना बिक्री है. स्टेशन मास्टर के मुताबिक एक ही आदमी एक साथ कई काम करता है, अगर थोड़ी भी मानवीय भूल हुई तो कभी भी दुर्घटना हो सकती है.

– रिंकी पाण्डेय

शुरू होने से पहले ही काम खत्म

क्या कोई काम शुरू होने से पहले ही खत्म हो सकता है. ऐसा दो मामले में हो सकता है या तो शिलापट्ट में लिखने में कोई चूक हो गई हो या फिर पूरी दाल ही काली हो. सासाराम प्रखंड के उचितपुर पंचायत में राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत बनाए गए ग्राम तेतरी नहर से लेकर बौलिया ताल तक स़फाई कार्य के लिए लगाए गए शिलापट्ट पर ग़ौर करें तो मामला सा़फ हो जाता है. शिलापट्ट पर कार्य के प्रारंभ होने की तिथि 1 दिसंबर 2010 तथा पूर्ण होने की तिथि 31 मार्च 2010 लिखी हुई है. अब लोगों को यह समझ में नहीं आ रहा है कि जो कार्य 1 दिसंबर 2010 को शुरू हो रहा है  वह सात माह पहले ही कैसे पूर्ण हो गया. इस सर्ंदभ में डीआरडीए निदेशक पंकज कुमार ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी. प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी मिथलेश कुमार ने इस मामले पर अनभिज्ञता ज़ाहिर की.

– सूरज कुमार पाण्डेय

खगड़िया में हथियारों का ज़खीरा

महज एक माह के अंदर पटना एसटीएफ तथा स्पेशल ज़िला पुलिस के द्वारा कई अपराधियों को हथियारों के जखीरा सहित दबोच कर पुलि ने बड़ी कामयाबी तो हासिल की है, लेकिन जिले के अलौली थाना अंतर्गत शितोहर दियारा तथा बेलदौर थाना अंतर्गत पचौठ गांव से हथियारों का जखीरा बरामद होने के बाद पुलिस कप्तान को भी लगने लगा है कि कोई बड़ा अपराधिक गिरोह किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के बाबत हथियारों का ज़खीरा जमा करने में जुटा है. वैसे पुलिस शायद इस बात की पड़ताल नहीं कर पा रही है कि आखिर हथियारों  की खेप किस रास्ते और किन-किन गिरोह के द्वारा ज़िले के विभिन्न इलाकों में लाई जा रही है. हथियारों के साथ गिरफ्तार अपराधियों से भी पुलिस राज तो नहीं उगलवा सकी, लेकिन जानकारों का कहना है कि अगर पुलिस के द्वारा जल्द ही इस तरह के गिरोह पर नकेल नहीं डाला गया तो आने वाले समय में खगड़िया न केवल हथियारों की मंडी बन जाएगा बल्कि अपराध पर काबू रख पाना पुलिस के लिए भी टेढ़ी खीर हो जाएगा.

– राजेश सिन्हा


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