नईा दिल्ली। बिहार की सियासत में आखिर में वो शब्द सुनाई दिए जिसका इंतजार बीजेपी लंबे अरसे से कर रही थी। आरजेडी और जेडीयू के विधायकों के बीच बयानबाजी की तलवारें खुलकर खींच गई हैं। आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र नीतीश सरकार को समर्थन वापस लेने की धमकी दे डाली।
आरजेडी के विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि ये बात भूलनी नहीं चाहिए कि आरजेडी के पास 80 विधायक हैं और महागठबंधन में वही होगा जो आरजेडी चाहेगी। वहीं, जेडीयू के विधायकों को तोड़कर सरकार बनाने के सवाल पर आरजेडी विधायक का कहना है कि हम लोकतंत्र में यकीन रखते है। हम जेडीयू के किसी भी विधायक को तोड़ने की कोशिश नहीं करेंगे।
वीरेंद्र ने तेजस्वी यादव पर यहां भी आरोप लगाए हैं कि वह आरजेडी का अंदरूनी मामला है और पार्टी उसको लेकर फैसला करेगी कि उन्हे क्या कदम उठाना है। आरजेडी की सरकार दूसरों की सलाह पर नहीं चलती हैं।
सूत्रों के हवाले जानकारी मिल रही है कि अगर तेजस्वी इस्तीफा देते हैं तो उनके साथ आरजेडी के 12 अन्य मंत्री भी अपना इस्तीफा दे देंगे। वहीं, नीतीश के अल्टीमेटम को अब तक दो दिन बीत चुके हैं और अगले दो दिनों में तेजस्वी पर कोई फैसला लेना जरूरी है।
इधर बीजेपी लगातार जेडीयू को साथ में आने का ऑफर दे रही है। इसके अलावा जानकारी मिल रही है कि नीतीश ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से भी मुलाकात की। अगले 2 दो दिनों में बिहार की सियासत में बड़ा भूचाल आने की संभावना है जिसमें राज्य की सत्ता का सिंहासन भी हिल सकता है।












