नई दिल्ली : 10 साल पुराने अजमेर दरगाह ब्लास्ट मामले में एनआईए कोर्ट ने बुधवार को दो लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. भावेश पटेल और देवेंद्र गुप्ता को उम्रकैद की सजा सुनाई गई. इस मामले में कोर्टने भावेश, देवेंद्र और सुनील जोशी को दोषी करार दिया था. सुनील की मौत हो चुकी है, वहीं असीमानंद समेत 6 आरोपियों को पहले ही बरी कर दिया गया है. इस केस में तेरह लोगों को आरोपी बनाया गया था.   

भावेश और देवेंद्र को आपराधिक साजिश रचने, धार्मिक भावनाएं आहत करने, एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट और अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट के तहत दोषी करार दिया था.

गौरतलब है कि 11 अक्टूबर 2007 को शाम सवा छह बजे  ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती दरगाह में बम ब्लास्ट हुआ था. रोजा इफ्तार का वक्त होने के कारण दरगाह में काफी लोग मौजूद थे. हादसे में तीन लोग मारे गए थे और 15 लोग घायल हुए थे. 2011 को एनआईए ने 13 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया था. इनमें से आठ आरोपी 2010 से जेल में थे. इनमें से एक आरोपी सुनील जोशी की हत्या कर दी गई थी.    

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