जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में गुरुवार शाम बड़ा आतंकी हमला हुआ है, एक आतंकी द्वारा किए गए इस आत्मघाती हमले में 42 जवान शहीद हो गए हैं। जबकि 40 से ज्यादा जवान घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में कुछ जवानों की हालत गंभीर बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार शहीद जवानों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।श्रीनगर-जम्मू हाइवे पर अवंतीपोरा इलाके में आतंकियों ने सीआरपीएफ के एक काफिले को निशाना बनाकर यह हमला किया। इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली है।पीएम मोदी ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए कहा है कि जवानों का बलिदान बेकार नहीं जाएगा।

पूरा देश एक सुर में इस हमले की निंदा कर रहा है और ये मांग कर रहा है की देश को इतने गहरे ज़ख्म देने वालों को सबक ज़रूर सिखाया जाए। इस बीच बॉलीवुड के भाईजान सलमान खान, किंग खान शाहरुख़ और आमिर खान ने भी प्रतिक्रिया दी है।

सोशल मीडिया पर सलमान खान ने लिखा है, ‘देश प्रेम के लिए अपनी जान देने वाले सीआरपीएफ जवानों की शहादत पर मेरा दिल रो रहा है। जिन्होंने हमारे परिवारों की सुरक्षा के लिए अपनी जान का बलिदान दे दिया’।

 

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षा बालों पर किया गया हमला हाल का सबसे बड़ा आतंकी हमला है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक साल 2014 से 2018 के बीच जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले में शहीद होने वाले जवानों की संख्या 93 फीसदी बढ़ी है। इसके अलावा इन पांच सालों में जम्मू- कश्मीर में आतंकी घटनाओं में 176 फीसदी का इजाफा हुआ है।

2014 से 2018 के बीच नागरिकों की मौत में 35।71 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। जबकि आतंकी हमलों में शहीद होने वाले सुरक्षाबलों की संख्या में 93 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। साल 2014 में जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों में 47 जवानों ने जान गंवाई थी। जबकि साल 2018 में 91 जवान शहीद हुए। इस तरह 2014 के मुकाबले 2018 में 44 जवान ज्यादा शहीद हुए। हालांकि, 2014 के मुकाबले 2018 में 133।63 प्रतिशत ज्यादा आतंकी मारे गए थे। 2014 में 110 आतंकी सेना के ऑपरेशन में मार गिराए गए, जबकि 2018 में 257 आतंकियों को ढेर किया गया।

2014 से 2018 के बीच जम्मू-कश्मीर में कुल 1315 लोग आतंकवाद की वजह से मारे गए। इसमें 138 (10।49 प्रतिशत) नागरिक थे, 339 (25 प्रतिशत) सुरक्षा बल और 838 (63।72 प्रतिशत) आतंकी थे।2014 से 2018 के बीच जम्मू-कश्मीर में कुल 1708 आतंकी हमले हुए। इन आंकड़ों को गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर ने लोकसभा में जारी किया था।

गृह मंत्रालय के आकड़ों के मुताबिक 2014 में राज्य में 222 आतंकी घटनाएं हुई थी। 2015 में इसमें मामूली कमी आई और ये आंकड़ा 208 हो गया। लेकिन 2016 के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों में लगातार इजाफा हुआ है। 2016 में जम्मू कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में 54।8 का इजाफा हुआ, 2017 में 6 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया। इस साल 342 आतंकी हमले हुए। 2018 में इस आंकड़े में 79।53 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया। 2018 में 614 आतंकी हमले हुए। आंकड़ों के मुताबिक साल 2018 में हर महीने 51 आतंकी हमले हुए।

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