केंद्र सरकार जल्द ही मोटर व्हीकल नियमों में बदलाव करने जा रही है. डिजिटल इंडिया के तहत मोटर व्हीकल एक्ट को भी डिजिटाइज्ड करने की योजना है. यही वजह है कि अब आपको ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और इंश्योरेंस साथ लेकर नहीं चलना होगा. दरअसल, अभी तक ट्रैफिक पुलिस गाड़ियों के ओरिजनल दस्तावेज देखते थे, लेकिन नए नियमों के बाद इसका डिजिटल वर्जन भी स्वीकार किया जाएगा.

अब आपको 15 अगस्त से गाड़ी के पेपर साथ लेकर चलने की जरूरत नहीं होगी. अब इन कागजातों की मोबाइल पर फोटो दिखाने से भी काम चल सकता है. कागजातों को आपको डिजिटल लॉकर एप या फिर एम परिवहन एप पर रखना होगा.

ट्रैफिक पुलिस, पुलिस और प्रवर्तन दस्ते इसके लिए अब ऑनलाइन पेपरों की जांच कर सकेंगे. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर परिवहन विभाग प्रदेशवासियों को ढेरों सौगात देने जा रहा है. बता दें कि भारत सरकार ने जनता को राहत देने के लिए कई नए नियमों में बदलाव किया है. इन मामलों को लेकर सरकारी गजट भी जारी किया गया है. गजट के अनुसार प्रदेश सरकार 15 अगस्त तक शासनादेश जारी कर देगी. इससे बड़ी संख्या में गाड़ी मालिकों को राहत मिलेगी.

कौन-कौन सी मिलेंगी सुविधाएं

– गाड़ी के पेपर गाड़ी में रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

– नए वाहनों पर फिटनेस की अनिवार्यता खत्म.

– प्रदेश में कहीं से भी गाड़ी की फिटनेस कराएं.

– नई गाड़ी का फिटनेस हर 2 वर्ष बाद होगा.

– ट्रकों पर फास्ट ट्रैक लगाना अनिवार्य होगा.

– गाड़ियों में फिटनेस देरी पर हर दिन 50 रुपए जुर्माने का प्रावधान होगा.

– फार्म 38 ए भरकर किसी भी कार्यालय में करा सकेंगे फिटनेस.

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