महाराष्ट्र पुलिस ने मंगलवार को थप्पड़ वाले बयान के मामले में केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को गिरफ्तार कर लिया है। राणे पर आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिया था। नारायण राणे को पहले चिपलून से हिरासत में लिया गया था, उसके बाद कागजी कार्यवाही पूरी कर गिरफ्तार कर लिया गया।

दरअसल, राणे ने हाल ही में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लेकर एक बयान दिया था। इस बयान में उन्होंने ठाकरे की आलोचना करने के साथ ही उन्हें थप्पड़ मारने की बात कह डाली थी। इस बयान के बाद उन पर एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसके बाद नासिक पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए रत्नागिरी रवाना हो गई थी।

वहीं गिरफ्तारी की सूचना मिलने के फौरन बाद केंद्रीय मंत्री राणे ने रत्नागिरी कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। नारायण राणे के खिलाफ चार एफआईआर दर्ज हैं।

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “हम केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की मुख्यमंत्री पर की गई टिप्पणी का समर्थन नहीं करते। मुख्यमंत्री को भारत की स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव वर्ष याद नहीं रहा इसके लिए किसी व्यक्ति को गुस्सा आ सकता है, ये स्वाभाविक है।”

वहीं, केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने एक अपना बयान देते हुए कहा, “मुझे इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मैंने कोई अपराध नहीं किया है। 15 अगस्त के बारे में कोई नहीं जानता तो क्या यह अपराध नहीं है? मैंने कहा था कि मैं थप्पड़ मार देता और यह अपराध नहीं है।”

बता दें कि राणे ने सोमवार को रायगढ़ जिले से सटे अपनी जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान कहा था कि यह शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री को आजादी का साल नहीं पता। अपने भाषण के दौरान आजादी के वर्ष जानने के लिए उन्हें अपने सहयोगियों की ओर झुकना पड़ा। मैं वहां होता तो उन्हें एक जोरदार तमाचा मार देता। बता दें, उद्धव ठाकरे अपने 15 अगस्त के भाषण में अटक गए थे। राणे ने उसी वाक्ये से जोड़ते हुए यह बयान दिया था। उनके खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।

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