140 करोड जनसंख्या के देश में एकमात्र भारतीय हैं ! जिसकी आर्थिक कलाबाजियो के कारण ! शायद संपूर्ण विश्व में एकमात्र आदमी होगा , जिसकी संपत्ति इतनी तेजी से बढ़ रही है ! और इसी रहस्य को उजागर करने का काम हिंडेनबर्ग ने बहुत ही तफ़सील से करने के कारणही ! गौतम अदानी ने अपने आर्थिक घोटालों को उजागर करने की कृती को भारत के उपर हमला कहा है !
इसे देखते हुए, मुझे आजसे इक्कीस साल पहले के गुजरात दंगे की आलोचना करने वाले लोगों को ! तत्कालिन मुख्यमंत्री श्री. नरेंद्र दामोदरदास मोदीजी ने, अपनी गलतियों को छुपाने को लेकर ! तुरंत गुजरात के पांच करोड़ लोगों का अपमान किया जा रहा है ! ऐसा तर्क याद आ रहा है !


अदानी समुह ने हिंडेनबर्ग रिपोर्ट के जवाब में, अपने चारसौ पन्नौ से अधिक पन्ने खर्च कर के, उसे ‘भारत के उपर हमला’ जैसे जुमले इस्तेमाल कर के यह बताने की कोशिश करते हैं ! जो कि अदानी उद्योग समूहका विस्तार अतिशीघ्र गति से हुआ ! और इसी मामले में हिंडेनबर्ग के रिपोर्ट में अदानी ने क्या – क्या आर्थिक कलाबाजियो का इस्तेमाल किया है ! इसका खुलासा करने की कृती को छुपाने के लिए ! भारत के उपर हमला जैसे जुमले इस्तेमाल कर रहे हैं !


जैसे गुजरात के दंगे होने देने की कृती को तत्कालिन प्रधानमंत्री श्री. अटलबिहारी वाजपेयी जी ने “राजधर्म का पालन नहीं किया गया है ! “जैसे उस दंगे के बाद की स्थिति को देखते हुए कहा था ! और सोनिया गांधी ने “मौत का सौदागर” जैसे कडे शब्दों में आलोचना करने को “पांच करोड़ गुजरातना अपमान करने की बात !” तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने कही थी !
इस देश के सामान्य नागरिकों के पसीने की कमाई से बैंक में जमा पूंजी को ! और जीवन बीमा जैसे कंपनी में अपनी जिंदगी भर की कमाई के पैसौ को लेकर ! अपनी खुद की पूंजी बढाने में लगा हुआ अदानी ! देशभक्ति की आडमे अपने आर्थिक घोटालों को छुपाने की कोशिश कर रहा है !


या अग्निविर जैसे हमारे देश के सुरक्षा बलों की भर्ती जैसे ! देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले निर्णय को लेकर, आलोचना करने वाले लोगों को ! हमारे देश की सेना का अपमान करने का आरोप लगाया गया है ! लेकिन शेकडो सालों से स्थापित, देश की रक्षा के लिए अत्यंत कडा ट्रेनिंग देकर बनाई गई सेना के जवानों को ! सिर्फ तीन चार सालों के लिये भर्ती करके , वापस छोड़ देना ! भारत की सुरक्षा के लिए, कितना नुकसानदायक हो सकता है ? इस सवाल पर सेना की शेकडो सालों की व्यवस्था को खत्म करने की कृती, मतलब अग्निविर जैसी योजना ! और उसे विरोध करने वाले लोगों को देशद्रोही बोलना ! अगर यही देशद्रोही का पैमाना है ! तो फिर आजादी के आंदोलन में शामिल नही होने वाले लोगों को देशभक्त बोलना होगा !
मतलब आजादी के आंदोलन में शामिल नहीं होने वाली जमात के, वर्तमान समय के शासकों का देशभक्ति के नाम पर यह जो भी कुछ, भौंडा पाखंड गत नौ सालों से लगातार जारी है ! और बात – बात में विरोधी दलों के नेताओं के घरोपर ! इडी, आई बी के तरफसे चलाए जा रहे ! द्वेषपूर्ण छापामारी करने वाली सरकारी मशीनरी ! आज हिंडेनबर्ग के रिपोर्ट को जारी होकर एक हप्ताह का समय हो गया है ! लेकिन नहीं कोई कार्रवाई नहीं कोई सरकारी खुलासा हुआ है !


अदानी समुह के तरफसे, अपने आर्थिक घोटालों को उजागर करने की हिंडेनबर्ग रिपोर्टकी कृती को ! भारत पर हमला जैसे जुमले को देखते हुए ! देशभक्ति की आडमे अपने अपराधों को छुपाने की चालाकी से ! अदानी समुह के हमारे देश की बैंकिंग क्षेत्र की जमापूंजी को ! बैंकों के सभी नियम कानून का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को देश की आडमे बोलते हुए देखकर ! उसके औद्योगिक साम्राज्य के विस्तार का इतिहास देखकर कोई भी व्यक्ति हैरान हुए बगैर नहीं रह सकता !


अदानी समूह का पिछले 30-35 सालों का सफरनामा देखा जाए तो ! मुंबई जैसे शहर में एक मामुली सी गहने की दुकान चलाने वाले ! एक दुकानदार आज भारत की आधेसे भी अधिक बिजली का उत्पादन करने से लेकर, कांडला जैसे पोर्ट पर इंडियन पोर्ट ट्रस्ट की मालकियत के रहते हुए ! अदानी समूह की मालकियत होने का सफर, और उस पोर्ट को कब्जे में करने के तुरंत बाद, मॅन्ग्रोव जैसे शेकडो हेक्टर जमीन पर सुरक्षित रखे गए ! आंतराष्ट्रीय धरोहर को नष्ट करने के गुनाह कर चुके ! और उसके लिए ग्रिन ट्रायबूनल जैसे पर्यावरण संरक्षण की रक्षा के लिए विशेष रूप से बनाए गए कोर्ट ने 200 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है !


इस उद्योग समूह को गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में सभी नियम और कानूनों की अनदेखी करते हुए जबरदस्त फेवर किया है ! और इसी कारण गुजरात में ज्यादातर स्थानों पर, अदानी उर्जा नाम के पेट्रोल पंपो से लेकर, और भी कई तरह के उद्योगों के लिए विशेष रूप से सहयोग किया है ! और अब तो संपूर्ण भारत और कुछ विदेशों में भी ! अपने औद्योगिक साम्राज्य का विस्तार किया है !


और उसी सहयोग के बदले में, नरेंद्र मोदी, गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए ! 2013 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान ! अदानी ने अपने प्रायवेट जेट विमान देकर, नरेंद्र मोदीजी को प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने में मदद की है ! तभी तो पाचसौ से अधिक चुनावी प्रचार सभा ! करने का भारत के चुनाव प्रचार के इतिहास में रेकॉर्ड करना ! नरेंद्र मोदीजी को संभव हुआ है ! और कितना पैसा दिया होगा सो अलग ?
यह देखकर मुझे याद आ रहा है ! आजसे नब्बे साल पहले के जर्मनी में ! हिटलर ने बाकायदा जर्मनी के सभी उद्योगपतियों की बैठक बुलाकर, अपने दल को सत्ता में लाने के लिए ! अपनी पूंजी दिल खोलकर लगाने का आवाहन किया था ! और तत्कालीन जर्मनी के पूंजीपतियों ने हिटलर के इस आवाहन पर साथ देने के कारण ही ! 30 जनवरी 1930 को हिटलर जर्मनी का चांन्सलर पदपर चढने में कामयाब हुआ था ! और गिनकर पंद्रह साल नब्बे दिनों तक ! संपूर्ण योरप की छाती पर मुंग दलते हूए लाखों की संख्या में यहुदीयो को मौत के घाट उतार दिया है ! ( 24 अप्रैल 1945 को आत्महत्या की है ! ) जर्मनी की सभी संविधानिक संस्थानों को खत्म कर के एक छत्र राज किया है ! और डॉ गोएबल्स जैसे आदमी की मदद से पूरा प्रचारतंत्र अपनी बात कहने के लिए विशेष रूप से बनाया गया था ! इस काले इतिहास को देखे हुए तबके बच्चे, आज के जर्मनी मे कुछ उम्रदराज लोग मौजूद हैं !


वर्तमान भारत में भी, हमारे देश के कुछ अपवाद छोड़ दिया जाये ! तो लगभग सभी पूंजीपति वर्तमान सरकार को बनाने से लेकर ! उसे दोबारा सत्ता में वापसी कराने के लिए विशेष रूप से इकट्ठा होकर मदद कर रहे हैं ! जिसमें गौतम अदानी नंबर एक पर है ! और इसीलिए इस उद्योग समूह की आर्थिक वृद्धि दर विश्व के औद्योगिक इतिहास में सब से अधिक है ! और इसीलिये गौतम अदानी हिंडेनबर्ग रिपोर्ट को भारत के उपर हमला जैसे जुमले इस्तेमाल करने की हिम्मत कर रहा है ! मतलब अदानी ही इंडिया है और इंडिया ही अदानी है !
डॉ सुरेश खैरनार 1 फरवरी 2023, नागपुर

 

 

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