लखीमपुर हिंसा के 41 दिन बाद यूपी सरकार ने वहां के SP विजय ढुल को हटा दिया है। उन्हें पुलिस मुख्यालय से अटैच किया गया है। उनकी जगह लखनऊ कमिश्ररेट में तैनात IPS संजीव सुमन को लखीमपुर खीरी का SP बनाया गया है। यहां 3 अक्टूबर को हुई हिंसा के बाद से अब तक 3 बड़े फेरबदल हो चुके हैं।

16 दिन पहले यानी 28 अक्टूबर को लखीमपुर के DM रहे अरविंद चौरसिया का ट्रांसफर किया गया था। उनकी जगह IAS महेंद्र बहादुर सिंह नए DM बने थे। इसके बाद लखीमपुर हिंसा की जांच कर रहे DIG उपेंद्र अग्रवाल की नई तैनाती लखनऊ मुख्यालय से देवीपाटन मंडल में कर दी गई। इसके अलावा, एक अन्य IPS अफसर अमित कुमार आनंद को मुरादाबाद से लखनऊ कमिश्नरेट में तैनाती दी गई है। इधर, उत्तर प्रदेश सरकार के अनुरोध पर सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 15 नवंबर तक के लिए टाल दी है।

SIT टीम में बढ़े 16 पुलिसकर्मी

शासन ने लखीमपुर हिंसा मामले में एक और बड़ा कदम उठाया है। इस प्रकरण की जांच SIT कर रही है। जिसकी अध्यक्षता DIG उपेंद्र अग्रवाल कर रहे हैं। अभी तक इस टीम में 9 सदस्य थे, लेकिन अब 16 और पुलिसकर्मी शामिल किए गए हैं। अब कुल सदस्यों की संख्या 25 हो गई है।

आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

लखीमपुर हिंसा मामले की आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी है। इससे पहले हुई चार सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को फटकार लगाई थी। पिछली सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच कराए जाने की बात कही थी।

तीन अक्तूबर को तिकोनिया में हुआ था बवाल

तीन अक्तूबर को तिकोनिया में हुए बवाल में चार किसान और एक पत्रकार समेत आठ लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में किसानों की तरफ केंद्रीय गृहराज्य मंत्री के पुत्र आशीष मिश्रा समेत पन्द्रह बीस अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने आशीष मिश्रा, आशीष पांडेय, लवकुश राणा, शेखर भारती, अंकितदास और काले उर्फ लतीफ़, भाजपा सभासद सुमित जायसवाल, नन्दन सिंह विष्ट, सत्यम त्रिपाठी, मोहित त्रिवेदी, रिंकू राना, धर्मेंद्र बंजारा और शिशुपाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

 

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