पटना : बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की माँ बेहद नाराज़ हैं और उन्होंने मंगलवार को ट्वीट कर चुनाव आयोग अधिकारी को बीजेपी कार्यकर्ता बताते हुए सवाल उठाया है कि आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के साथ ऐसा सलूक क्यों किया गया? अपने ट्वीट में उन्होंने चुनाव आयोग को बीजेपी का कार्यकर्ता तक कहा है और उन्होंने चुनाव आयोग पर बीजेपी से गठबंधन करने का भी आरोप लगाया है।

दरअसल उनकी नाराज़गी की वजह है वोटर लिस्‍ट में पूर्व डिप्‍टी सीएम और राबड़ी के बेटे तेजस्‍वी यादव के नाम के सामने किसी और की फोटो होने का मामला सामने आया था। इसी पर एक के बाद एक ट्वीट कर राबड़ी ने चुनाव आयोग को लताड़ लगाई है। उन्‍होंने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर भी नाराजगी जताई है। वहीं, उन्होंने बेटी का नाम मतदाता सूची से गायब होने को लेकर सवाल उठाये हैं।

आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की पत्नी व पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा है कि ‘सीबीआई, ईडी की तरह चुनाव आयोग ने बीजेपी से पहले गठबंधन किया, अब उसमें विलय कर बेशर्मी से काम कर रहा है। वोटिंग के दिन तेजस्वी यादव को फर्जी तरीके से फंसाने और बदनाम करने के लिए उसकी जगह किसी और का फोटो लगा दिया गया, ताकि बेवजह विवाद उत्पन्न कर नकारात्मकता और विघ्न पैदा किया जाये।’

साथ ही सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा है कि ‘नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के साथ चुनाव आयोग का ऐसा सलूक दुर्भाग्यपूर्ण है। सोचिए आम मतदाता के साथ कैसा होगा? चुनाव आयोग ने तेजस्वी की जगह किसी और का फोटो लगाने के मामले में क्या कारवाई की? इसका दोषी कौन है? तेजस्वी के साथ ही ऐसा क्यों किया गया? क्या साजिश रची जा रही थी?’ वहीं, उन्होने बेटी के मतदान नहीं कर पाने पर चुनाव आयोग अधिकारी को बीजेपी कार्यकर्ता बताते हुए कहा है कि ‘मेरी बेटी रोहिणी मतदान से एक दिन पहले सिंगापुर से चल कर पटना आयी, लेकिन मतदाता सूची से उसका नाम नदारद था? भाजपा के कार्यकर्ता सह चुनाव आयोग अधिकारी बतायें उसका नाम सूची से क्यों और किसलिए काटा गया?’