पटना : लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद महागठबंधन के सहयोगी दलों के बीच हार के बाद आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है। बिहार में महागठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी आरजेडी का सूपड़ा साफ होने पर कांग्रेस ने आरजेडी के सामने सवाल उठाये हैं। वहीं, आरजेडी नेता ने भी पलटवार किया है।

बिहार विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता सदानंद सिंह ने कहा है कि पार्टी जनादेश का सम्मान करती है। साथ ही उन्होंने बिहार से चुनाव जीतनेवाले उम्मीदवारों को बधाई देते हुए कहा कि कांग्रेस को आत्मचिंतन और आत्ममंथन करने की जरूरत है। बिहार में महागठबंधन उम्मीदवारों के हारने के कारणों में आपसी तालमेल और टिकट बंटवारे में गड़बड़ी को बताया।

साथ ही उन्होंने आरजेडी के सामने सवाल उठाते हुए कहा है कि सीटों के तालमेल में जिद के कारण आरजेडी ने अधिक सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसका खाता भी नहीं खुल पाया। उन्होंने कहा कि आरजेडी को इसका जवाब देना चाहिए। साथ ही कहा कि नतीजों से घबराने की जरूरत नहीं है। अपने लंबे राजनीतिक कॅरियर में आये उतार-चढ़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस बड़ी पार्टी है। उसे ही नेतृत्व करना चाहिए। लेकिन, ऐसा नहीं हो सका। वहीं, औरंगाबाद से टिकट कट जाने के बाद नाराज कांग्रेस नेता निखिल कुमार का ने अगले साल होनेवाले बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को अकेले चुनाव लड़ने की भी बात कही।

आरजेडी ने किया पलटवार
आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी ने कांग्रेस नेता के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि हमारे सामने सवाल उठाने से पहले उन्हें मंथन करना चाहिए। उत्तर प्रदेश में गठबंधन में शामिल नहीं हो सके। दिल्ली में आम आदमी पार्टी से गठबंधन करने में भी नाकाम रहे। साथ ही कहा कि कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी अमेठी में भी चुनाव हार गये। उन्हें हार पर पहले मंथन करना चाहिए।