नयी दिल्ली:पश्चिम बंगाल में सीबीआई की कार्रवाई के विरोध में राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के कारण उच्च सदन की बैठक सोमवार को शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर दो बजे तक के लिये स्थगित कर दी गई।

तृणमूल के डेरेक ओ ब्रायन ने चिटफंड घोटाला मामले में सीबीआई की कोलकाता में कार्रवाई को नियम विरूद्ध बताते हुये सदन में इस पर चर्चा के लिए नोटिस दिए जाने का जिक्र किया। सभापति एम वेंकैया नायडू ने इस मामले को राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उठाने का परामर्श देते हुये नोटिस को अस्वीकार कर दिया।

इस पर तृणमूल सदस्यों ने आसन के समीप आकर नारेबाजी शुरु कर दी। इसके तुरंत बाद सभापति ने सदन की बैठक को दोपहर दो बजे तक के लिये स्थगित कर दिया।

इससे पहले सदन की बैठक शुरु होने पर सभापति ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाने के बाद बताया कि उन्हें शून्यकाल में चर्चा कराये जाने के लिये कुछ नोटिस मिले हैं।

नायडू ने बताया कि सपा के रामगोपाल यादव और आप के संजय सिंह सहित अन्य सदस्यों ने देश में रोजगार संकट, राजद के मनोज झा ने उच्च शिक्षण संस्थाओं में आरक्षण संबधी रोस्टर प्रणाली और ब्रायन ने सीबीआई की कोलकाता में कार्रवाई को संघीय ढांचे के विरुद्ध बताते हुये शून्यकाल में चर्चा कराने का नोटिस दिया था।

उन्होंने इन मुद्दों को राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विस्तार से उठाने का सुझाव देते हुये नोटिसों को अस्वीकार कर दिया। तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने इसका विरोध करते हुये सदन में नारेबाजी शुरू कर दी।

(भाषा)