एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मांग की है कि भारतीय मुस्लिमों को पाकिस्तानी कहना दंडनीय अपराध बने और ऐसा करने वालों को तीन साल के जेल की सजा दी जाय. ओवैसी ने सरकार से यह भी मांग की कि सरकार इसके लिए कानून बनाए. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर लोकसभा में हो रही बहस के दौरान ओवैसी ने यह बात कही.

लोकसभा में बोलते हुए औवेसी ने आगे कहा कि भारत में जो मुस्लिम हैं उन्होंने मोहम्मद अली जिन्ना की दो राष्ट्र वाली थ्योरी को पूरी तरह नकारा है, लेकिन आज भी हिंदुस्तानी मुस्लिमों को बाहरी समझा जाता है. अपनी मांग के साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मुझे पता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार संसद में ऐसे बिल नहीं लाएगी.

गौरतलब है कि बीते शनिवार को तीन तलाक पर प्रस्तावित कानून का कड़ा विरोध करते हुए एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शरीयत की रक्षा के लिए भारतीय मुसलमानों से एक होने का आह्वान किया था. इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अस्पष्ट बताते हुए उन्होंने कहा था कि यह कोई नहीं कह सकता कि एक बार में तीन दफा तलाक बोलने पर शादी समाप्त हो जाएगी या फिर उसे केवल एक तलाक माना जाएगा. इसी के साथ उन्होंने मोदी सरकार से भी पूछा कि क्या सरकार उन महिलाओं को आर्थिक सहायता मुहैया कराएगी, जिनके पतियों को तीन साल के लिए जेल भेज दिया जाएगा.

ओवैसी ने पिछले दिनों हरियाणा में कश्मीरी छात्रों से हुई मारपीट को लेकर भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर निशाना साधा था. छात्रों के साथ हुई मारपीट की कड़ी निंदा करते हुए उन्होंने कहा था कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग हैं और हमेशा रहेगा. कश्मीरी छात्रों पर हमला करने वाले लोग कौन हैं? हरियाणा सरकार लोगों को सुरक्षा देने के बजाय एक विशेष विचारधारा पर काम कर रही है.

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