जम्मू-कश्मीर की नाहिदा मंजूर इतिहास रचने के बेहद करीब हैं. नाहिदा उस मुकाम पर हैं जहां से मात्र 1600 मीटर की दूरी पूरी करने के बाद वे माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक चढ़ने वाली पहली कश्मीरी महिला पर्वतारोही बन जाएंगी. गौरतलब है कि बीते 8 अप्रैल को नाहिदा देश के आठ पर्वतारोहियों के साथ मिशन एवरेस्ट पर निकली थी. तक़रीबन 7300 मीटर की ऊंचाई पर पहुंच चुकी नाहिदा के साथ देशवाशियों को भी कश्मीर की इस बेटी के माउंट एवरेस्ट पर पहुंचने का सिद्दत से इंतजार है.

श्रीनगर के जेवन के एक मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुख रखने वाली नाहीदा मंजूर खो-खो, कबड्डी, वॉलीबॉल की बेहतरीन खिलाड़ी होने के साथ ही राइफल शूटिग भी करती हैं. उन्होंने कई प्रतियोगिताओं में पदक भी जीते हैं. नाहीदा की प्रतिभा को देखते हुए उनका चयन उत्तराखंड में 5975 मीटर ऊंची चोटी स्वर्णरोहिणी चोटी अभियान के लिए किया गया था. वे श्रीनगर के टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर नौगाम में कृत्रिम दीवार पर हर सप्ताह तीन दिन कड़ा अभ्यास करती थी.

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नाहिदा जम्मू-कश्मीर की नाहिदा एकमात्र पर्वतारोही हैं जिनका चयन माउंट एवरेस्ट अभियान के लिए किया गया है. इस दल में देश के आठ पर्वतारोही शामिल हैं. जो आठ अप्रैल को नेपाल से विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट अभियान के लिए रवाना हुआ.इस अभियान का आयोजन ट्रांजिट एडवेंचर क्लब हैदराबाद की तरफ से किया गया है.

नाहिदा की जिंदगी में ऐसे मौके भी आये जब उनका इस अभियान में शामिल होना मुश्किल लग रहा था. क्योंकि उन्होंने पैसों की कमी के चलते एवरेस्ट अभियान पर जाने के लिए मना कर दिया था. ऐसे में हैदराबाद के ट्रांजिट एडवेंचर क्लब ने उनकी हरसंभव मदद की. यह उसी का नतीजा है कि नाहिदा अब एवरेस्ट फतह करने के काफी करीब पहुंच चुकी हैं. जल्द ही वे माउंट एवरेस्ट पर पहुंचने वाली पहली कश्मीरी महिला के नामा से जानी जाएंगी.

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