tmc_photosममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस झारखंड में कितनी कामयाब हो पाएगी, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन टीएमसी ने राज्य में जो दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है, वह काबिलेतारीफ़ है. ऐसी दमदार सफलता अब तक झारखंड में किसी भी राजनीतिक दल को नहीं मिली होगी. अभी भी लोग बड़ी संख्या में टीएमसी में शामिल हो रहे हैं. धनबाद लोकसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस ने ददई दुबे को अपना प्रत्याशी बनाया है. पिछले दिनों कांग्रेस के कई दिग्गज नेता टीएमसी में शामिल हुए, जिनमें उपेंद्र सिंह, जिला युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सत्येंद्र चौहान, विकास पाठक, लक्ष्मण तिवारी, रामजी सिंह, संजय चौहान, दया मिश्रा, सुनील पांडेय, मनोज पांडेय, सुनील दुबे, एजाज अली, पारो खान, शक्ति सिंह, नवीन सिंह, बंटी सिंह सोलंकी, मो. नईम, ललित वर्मा, प्रदीप गुप्ता, अजय बागती, बंटी हेलीवाल, इंडियन आयडल फेम गायिका पूजा चटर्जी आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं. पूजा कहती हैं कि ममता बनर्जी से बेहतर नेता कोई नहीं है. उनके निर्देश पर पार्टी की जीत के लिए मैं पूरे झारखंड में प्रचार करूंगी. टीएमसी प्रत्याशी की जीत के लिए पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी, अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती एवं शताब्दी राय ने दो दिनों तक धनबाद लोकसभा क्षेत्र का दौरा किया.
टीएमसी के बढ़ते प्रभाव से कांग्रेस की बेचैनी बढ़ गई है. इतने कम समय में तृणमूल कांग्रेस का मजबूती से उभरना एक नए समीकरण को जन्म दे रहा है. जानकारों का कहना है कि लोकसभा चुनाव के बाद विधानसभा चुनाव में भी तृणमूल कांग्रेस किंग मेकर की भूमिका निभाएगी. तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश संयोजक दिलीप चटर्जी कहते हैं कि झारखंड को झारखंडी नेताओं ने बर्बाद कर दिया. बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा एवं हेमंत सोरेन जैसे आदिवासी नेता ही झारखंड के कर्त्ताधर्ता रहे, नतीजतन यहां भ्रष्टाचार बढ़ा और विकास कार्य ठप्प हो गए. अब ममता बनर्जी की साफ़ छवि राज्य को भ्रष्टाचार से मुक्त कराएगी. धनबाद लोकसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशी ददई दुबे कहते हैं कि हेमंत सरकार ने भ्रष्टाचार का नया इतिहास रच दिया है. मैंने जब पोल खोलनी शुरू की, तो वह बौखला गए और मेरे जैसे 40 वर्षों से समर्पित कांग्रेसी को हटना पड़ा. दुबे ने कहा कि हेमंत सोरेन एक तरफ़ ऑनर किलिंग के मामले में आरोपी गिरीडीह लोकसभा क्षेत्र के झामुमो प्रत्याशी विधायक जगरनाथ महतो के साथ जाकर नामांकन दाखिल कराते हैं, ताकि उनकी गिरफ्तारी न हो, वहीं दूसरी तरफ़ वह झारखंड आंदोलन के दौरान हुए मामले में दिलीप चटर्जी जैसे नेताओं को साजिश के तहत जेल भिजवाते हैं. झारखंड सरकार तृणमूल कांग्रेस के बढ़ते जनाधार से घबरा गई है.

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