केरल में नन के साथ दुष्कर्म का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. जहां इस केस के आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल के गिरफ्तारी की मांग की जा रही है,  तो वहीं पीड़िता ने अब वेटिकन सिटी में पोप के एंबेसडर को पत्र लिखा है. पीड़िता नन ने पत्र में आरोप लगाया है कि बिशप ने अपने पैसे और रसूख के बल पर इस केस को दबाने की कोशिश की है. इसके साथ ही पीड़िता ने पोप से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है. आपको बता दें कि नन के साथ दुष्कर्म का मामला जून में सामने आया था. पीड़िता ने आरोप लगाया था कि आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल ने दो साल तक उसका यौन शोषण किया है.

पीड़िता ने वेटिकन सिटी में पोप के एंबेसडर को सात पन्नों का पत्र लिखा, जिसमें उसने बताया कि बिशप मुलक्कल ने साल 2014 से 2016 तक उसका शारीरिक शोषण किया. पत्र में उसने यह भी बताया कि इस दौरान वह कई लोगों के पास मदद के लिए गई थी, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं की गई. पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी बिशप ने पहली बार 5 मई, 2014 को उसके साथ दुष्कर्म किया. पीड़िता नन ने बताया कि बिशप उसे धमका भी रहा था. तो वहीं, बिशप मुल्लकल ने इन सभी आरोपों को निराधार और गलत बताते हुए कहा कि नन उसे झूठे सेक्स स्कैंडल में फंसाने की कोशिश कर रही है. बिशप का कहना है कि नन और उसके पति के बीच अवैध संबंधों का खुलासा होने के बाद उस पर कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद से ही नन बदले की भावना से झूठे आरोप लगा रही है.

कार्डिनल ने फ्रैंको मुलक्कल को बिशप के पद से हटाने की मांग की है. कार्डिनल ने इस बारे में देशभर के चर्च अधिकारियों से बात भी की है. आपको बता दें कि बिशप को पद से हटाने का अधिकार भारत में वेटिकल के प्रतिनिधि पोप के अधिकार क्षेत्र में आता है.

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