लोकसभा चुनाव के सातवें चरण का मतदान संपन्न हो गया है. अब ऐसे में सभी की नजरें एग्जिट पोल के नतीजों पर टिकी हुई हैं. लोकसभा चुनाव 2019 के आखिरी चरण का चुनाव संपन्न होते ही एग्जिट पोल के रुझान आने शुरू हो गए हैं. हालाकिं चुनाव परिणामों की घोषणा 23 मई को होगी. लेकिन एग्जिट पोल से मिल रहे रुझानों पर गौर करें तो एक बार फिर एनडीए बहुमत की तरफ बढती नज़र आ रही है.

बात अगर इंडिया टुडे माई एक्सिस के सर्वे की करें तो अब तक कुल 542 लोकसभा सीटों में से 123 पर रुझान आ चुके हैं. जिनमे यूपीए को 53, एनडीए को 29 और अन्‍य को 41 सीटें मिलती नजर आ रही हैं. तो वहीं अगर सी वोटर
के आकड़ों पर नज़र डालें तो एनडीए को 287, यूपीए को 128 और अन्‍य को 87 सीटें मिलने की बात कही जा रही है.

एबीपी-नीलसन के सर्वे के मुताबिक यूपी में महागठबंधन को 80 में से 56 सीटें मिलने जा रही हैं.जबकि भाजपा को 22 सीटों से संतोष करना पड़ सकता है.न्यूज 24 के एग्जिट पोल में हरियाणा में बीजेपी को 10 सीटें मिलने का दावा किया गया है.साथ ही दिल्ली को लेकर भी ऐसी भविष्यवाणी की गई है. न्यूज नेशन के सर्वे में एनडीए को 282-290, कांग्रेस को 118-126, अन्य को 130-138 सीटें दी गई हैं. तो वहीं इंडिया टीवी के सर्वे में दिल्ली की 7 लोकसभा सीटें बीजेपी की झोली में जाती दिखाई दे रही हैं. न्यूज 24-चाणक्य ने छत्तीसगढ़ में बीजेपी को 7 और कांग्रेस को 2 सीटें दी हैं. तो वहीं एबीपी-नीलसन के मुताबिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 27 सीटों पर बीजेपी गठबंधन 6 सीटों जबकि सपा-बसपा गठबंधन 21 सीटों पर आगे चल रहा है.

टाइम्स नाउ और वीएमआर के सर्वे के मुताबिक मध्य प्रदेश में BJP को 21 और कांग्रेस को 8 सीटें मिल सकती हैं. जबकि 40 सीटों वाले बिहार में एनडीए को नुकशान उठाना पड़ सकता है. यहां कांग्रेस 5 से ज्यादा सीटों का फायदा मिलने का दावा किया गया है. जिसके चलते 42.78 फीसदी वोटों के साथ कांग्रेस गठबंधन को 15 सीटें तो वहीं 2.98 फीसदी वोट शेयरों के साथ को बीजेपी और सहयोगी दलों 25 सीटें मिल सकती हैं. ूपीए को 132 सीटें मिलने का दावा टाइम्‍स नॉउ और वीएमआर के रूझानों में किया जा रहा है.

आपको बता दें कि चुनावी नतीजे एग्जिट पोल के अनुमान से कभी मेल खाते हैं तो कभी नतीजे बेहद चौंकाने वाले साबित होते हैं. जैसे की साल 2015 के तमिलनाडु चुनाव और 2015 के बिहार विधानसभा चुनावों में देखने को मिला था. हालांकि की साल 2014 में एग्जिट पोल के नतीजे सही साबित हुए और बीजेपी ने सरकार बनाई. तो वहीं 2004 के लोकसभा चुनाव में एग्जिट के नतीजों के उलट कांग्रेस ने केंद्र में सरकार बनाई थी.