delhi serial blasts, 2005, court, judgment नई दिल्ली, (विनीत सिंह) :दिल्ली की पटियाला हाउस ने  12 साल पहले सरोजनी नगर में हुए बम ब्लास्ट मामले में अपना फैसला सुना दिया है। अदालत ने इस मामले में एक आरोपी को दोषी करार देते हुए दस साल की सजा और बाकि बचे दो अन्य आरोपियों को बरी कर दिया है।

आज से 12 साल पहले देश की राजधानी एक के बाद एक हुए बम धमाकों से सहम गयी थी. भले इस बम धमाके को अब काफी वक़्त गुज़र चुका हो लेकिन इसके जख्म अभी भी हरे है. दिल्ली में हुए इन बम धमाकों को लेकर पहले 13 फरवरी को फैसला आना था, लेकिन बाद में फैसले की तारीख 16 फरवरी कर दी गयी थी.

12 साल पहले हुए सीरियल ब्लास्ट के आज में पटियाला हाउस कोर्ट में फैसला आ सकता है. दिल्ली में यह धमाका साल 2005 में दिवाली से ठीक एक दिन पहले धनतेरस के दिन हुआ था.

इस धमाके में 60 लोगों ने अपनी जान गवां दी थी. जबकि सैकड़ों लोग जख्मी भी हो गये थे. इस धमाके में खूंखार आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ होने की जानकारी है.

दिल्ली में एक के बाद एक हुए बम धमाकों के लिए तारिक अहमद डार, मोहम्मद हुसैन फाजिल और मोहम्मद रफीक शाह को आरोपी बनाया गया. इन लोगों पर आरोप है की इन्होने दिल्ली में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों की साजिश रची थी.

इन धमाकों का मास्टरमाइंड तारिक अहमद डार है, जोकि लश्कर का ऑपरेटिव था.
यह धमाका दिल्ली के अलग अलग इलाकों में हुआ था जिसमें पहाड़गंज, गोविंद पुरी सरोजनी नगर आदि इलाकों के 60 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पीडीए था.

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