मुंबई: आधी रात में आरे कॉलोनी में पेड़ काटने को लेकर बॉलीवुड में भी खासी नाराजगी देखने को मिल रही है. आरे के जंगल में शुक्रवार रात पेड़ काटने की घटना को लेकर प्रदर्शनकारियों ने जमकर हंगामा किया था. जिसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था.
शनिवार सुबह आरे कॉलोनी में धारा 144 लागू कर दी गई और बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया. आपको बता दें कि आरे में इस समय जंगल के पेड़ काटने को लेकर घमासान मचा हुआ है. मुंबई मेट्रो की परियोजना में कार शेड बनाने के लिए यह इलाका चुना गया है और इसके लिए आर्य जंगल से 2600 पेड़ काटने की बात कही गई है.

जिसके विरोध में लगातार प्रदर्शनकारी प्रोटेस्ट कर रहे हैं. मुंबई हाईकोर्ट में इसके लिए प्रदर्शनकारियों की तरफ से पेड़ ना काटे जाने को लेकर एक याचिका दायर की गई थी. जिसे मुंबई हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया. मुंबई कोर्ट के आदेश के बाद मेट्रो परियोजना से जुड़ी टीम आरे के जंगल पहुंची और उन्होंने पेड़ काटना शुरू कर दिया.
आप कोई भी बता दें कि आरे की घटना को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित है और एनजीटी में भी मामला लंबित है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर मेट्रो की तरफ से पेड़ काटने की कार्यवाही कैसे की गई? दूसरा सवाल यह भी है कि रात में पेड़ काटना अपने आप में कानूनन अपराध है तो ऐसे में रात में पेड़ काटने इजाजत मेट्रो प्रशासन को कैसे मिली?

इस मामले में सियासत हो रही है. कई सियासत में अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन कुल मिलाकर स्थिति यह है की आरे के बचाव में अब तक कोई भी खुलकर सामने नहीं आया है. महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए 21 अक्टूबर को मतदान होना है. ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां इस विषय से दूरी बना कर रखना चाहती हैं…