शाहजहांपुर: यूपी के शाहजहांपुर से गायब लड़की कल राजस्थान से मिल गई थी जिसके बाद उसे सुप्रीम कोर्ट में पेश किया था. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से उसके माता-पिता को दिल्ली लाने के लिए कहा था. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दिल्ली पुलिस की एक टीम शनिवार को यहां से पीडित लड़की के माता पिता को उससे मिलवाने के लिए दिल्ली लेकर रवाना हो गयी.

पीड़िता के पिता ने फोन पर बताया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें उच्चतम न्यायालय से हुए निर्देश की प्रति देते हुए बताया कि सर्वोच्च अदालत के निर्देशानुसार उन्हें उनकी बेटी से मिलवाने के लिए दिल्ली चलना है. उन्होंने बताया कि दिल्ली से आई टीम में एक सब इंस्पेक्टर, एक महिला सब इंस्पेक्टर के अलावा चार पुलिसकर्मी आए थे और दो गाड़ियां उन्हें लेकर यहां से दिल्ली रवाना हो गई हैं. लड़की के पिता ने बताया कि अपनी बेटी से मिलने के लिए वह खुद, उनकी पत्नी तथा पीड़िता का भाई व छोटी बहन जा रहे हैं.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के आयुक्त को निर्देश दिया कि वह यह सुनिश्चित करें कि महिला के माता-पिता को उससे मिलने के लिए यूपी के शाहजहांपुर से सुरक्षित दिल्ली लाया जाए. लड़की ने अदालत से कहा कि अपने माता-पिता से मिलने और उनसे बातचीत करने के बाद ही वह अपने भावी कदम के बारे में निर्णय लेगी. न्यायाधीशों ने लड़की से बंद कमरे में बात की और उसने न्यायाधीशों से कहा कि अपने माता-पिता से मिलने तक वह अपने गृह राज्य नहीं लौटना चाहती.

राज्य के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने लड़की का पता चलने के ठीक बाद कहा कि यूपी पुलिस पिछले चार-पांच दिन से महिला की गतिविधि पर नजर रख रही थी. उन्होंने कहा,”हमने कई टीमें बनाईं और वे राजस्थान, हरियाणा, यूपी और दिल्ली में काम कर रही थीं. उसका पता लगाने के लिए एसटीएफ को काम में लगाया गया था.”

सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करने के बाद से लड़की छह दिन से लापता थी. इस वीडियो में उसने आरोप लगाया कि, “संत समुदाय का एक वरिष्ठ नेता” उसका उत्पीड़न कर रहा था.

उसने चिन्मयानंद का नाम नहीं लिया. लेकिन एक पुलिस शिकायत में उसके पिता ने आरोप लगाया कि उसके लापता होने के पीछे चिन्मयानंद का ही हाथ है. लड़की के पिता ने चिन्मयानंद पर अपनी बेटी और शाहजहांपुर कॉलेज की अन्य लड़कियों का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया. यह कॉलेज चिन्मयानंद का आश्रम चलाता है.