मथुरा से एक बड़ी दिल को दहला देनेवाली खबर सामने आ रही है। दबंगों से परेशान दंपत्ति ने मथुरा में कोतवाली के बाहर ही खुद को आत्मदाह कर लिया। 90 फीसदी जली हालत में उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया है। उनकी हालत काफी गंभीर बताई जा रही है।

तीन पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

जिसके बाद मौके पर आईजी और एसएसपी पहुंचे और इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है।

गौरतलब है कि पुलिस द्वारा सुनवाई न करने से परेशान दंपति ने बुधवार को सुरीर कोतवाली परिसर में खुद को आग लगा ली। दंघटना की सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित कई पुलिस अधिकारी सुरीर कोतवाली पहुंचे।

क्या है पूरा मामला

सुरीरकलां निवासी जोगेंद्र मजदूरी करता है। गांव के कुछ युवक उसके और पत्नी के साथ मारपीट कर रहे थे और उसकी जमीन पर कब्जे का प्रयास कर रहे थे। जोगेंद्र ने कई बार कोतवाली सुरीर में इस बारे में शिकायत की लेकिन पुलिस आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही थी। जिसके कारण आरोपियों को हौसले बुलंद थे। जुगेंद्र का आरोप है कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय थाने से उसे ही हड़का कर भगा दिया जाता था।

बुधवार को जोगेंद्र और उसकी पत्नी चन्द्रवती घर से ही मिट्टी का तेल छिड़ककर कोतवाली पहुंचे। कोतवाली परिसर में पर दंपती ने खुद को आग लगा ली। दंपति द्वारा आग लगाते देख कोतवाली में हड़कंप मच गया। पुलिस कर्मी उनकी आग बुझाने को दौड़े। लेकिन तब तक दोनों गंभीर रूप से झुलस चुके थे। आग की लपटों से घिरा जोगेंद्र रोते हुए बोल रहा था कि उसकी किसी ने नहीं सुनी। थाने में कई बार आया दरोगा और बड़े साहब उसे ही डांटकर भगा देते थे।