भोपाल। ईद मिलादुन्नबी पर मंगलवार को निकले जुलूस के दौरान धार में एक पुलिसकर्मी द्वारा मुस्लिम युवक की दाढ़ी खींचे जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ने इस मामले को लेकर गृहमंत्री को पत्र लिखा है। एक अधिवक्ता दीपक बुंदेले ने इस मामले को लेकर राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई है।

विधायक आरिफ मसूद ने गुरुवार को एक पत्र गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को भेजा है। जिसमें कहा गया है कि धार में हुए मामले को लेकर सोशल मीडिया पर एक फोटो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक पुलिसकर्मी एक मुस्लिम धर्मावलंबी की दाढ़ी को पकड़कर खीचता दिखाई दे रहा है। मसूद ने कहा कि यह कृत्य किसी भी सभ्य व्यक्ति को अपमानित करना दर्शाता है, जो बेहद अफसोसजनक है। उन्होंने कहा है कि इस निन्दनीय घटनाक्रम की निष्पक्ष जॉच के लिए एसआईटी गठित कर समय सीमा में जॉच कराएं तथा जॉच अवधि तक निर्दाेष लोगों पर अत्याचार करने वाले तथा सम्मान जनक व्यक्ति की दाढ़ी पकड़ कर मारपीट करने वाले पुलिस कर्मियों को निलंबित किया जाए। इधर सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के इरफानुल हक अंसारी ने भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति द्वारा, किसी भी धर्म के प्रतीक चिन्हों के साथ इस तरह की हरकत की इजाज़त देश का संविधान, क़ानून ही नहीं कोई धर्म भी अपने अनुयायियों को नहीं देता। ऐसे में एक सरकारी सुरक्षाकर्मी द्वारा इस तरह का कृत्य किया जाना मामले को अतिगंभीर बना देता है। इस प्रवृत्ति को रोकना इस लिए भी ज़रूरी है कि यह समाज में असंतोष पैदा कर सकती है।

मानवाधिकार आयोग में गुहार
राजधानी भोपाल के अधिवक्ता दीपक बुंदेले ने इस मामले को लेकर मप्र राज्य मानवाधिकार आयोग को शिकायत की है। उन्होंने पुलिसकर्मी द्वारा दाढ़ी खींचने की घटना पर रोष जताते हुए कहा कि ये संयुक्त राष्ट्र संघ की 10 दिसंबर 1948 को की गई सभी धर्मों के सार्वभौमिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है।

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