कांग्रेस ने मंगलवार को सरकार की बुनियादी ढांचा मुद्रीकरण योजना को “वैध रूप से लूट और संगठित लूट” के रूप में वर्णित किया, आरोप लगाया कि दशकों से बनाई गई अमूल्य सार्वजनिक संपत्ति कुछ चुने हुए लोगों को सौंपी जा रही है.

कांग्रेस ने आगे आरोप लगाया कि सरकार लोगों की मेहनत से बनी करोड़ों की संपत्ति अपने अरबपति ‘दोस्तों’ को दे रही है.”सबसे पहले विमुद्रीकरण आपदा आई, जिसे डॉ मनमोहन सिंह ने ‘संगठित लूट और वैध लूट’ के रूप में वर्णित किया.

केंद्र सरकार आठ मंत्रालयों की asset monetisation करने जा रही है, जिससे सरकार 6 लाख करोड़ की राशि हासिल करने वाली है. वित्त मंत्री ने खुद दावा किया है कि इस प्रोग्राम से 4 साल में 6 लाख की कमाई होगी. बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने 22 अगस्त को राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (NMP) लॉन्च की थी.

केंद्र सरकार कुछ परियोजनाएं, रेल, सड़क, एयरपोर्ट, गैस. पाइपलाइल, स्टेडियम, बिजली गोदाम को निजी क्षेत्रों को देगी, जिसके बदले में सरकार को मोटा किराया मिलेगा. वैसे इस प्रक्रिया में प्रोजेक्ट का स्वामित्व प्राइवेट कंपनियों को नहीं मिलेगा, कुछ सालों के बाद सरकार उनका स्वामित्व दोबारा अपने हाथ में ले लेगी.

क्या है ‘नेशनल मॉनिटाइजेशन पाइपलाइन’?

NMP को नीति आयोग, वित्त मंत्रालय और इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधित मंत्रालयों की चर्चा और फीडबैक के बाद तैयार किया गया है. NMP को विभिन्न बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में संभावित मुद्रीकरण के लिए तैयार परियोजनाओं की पहचान के लिए, एक मध्यम अवधि के रोडमैप के रूप में काम करेगा.

अभी सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधित मंत्रालयों और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में काम करने वाले CPSE की संपत्ति को ही शामिल किया है. विनिवेश के माध्यम से मुद्रीकरण और गैर-प्रमुख संपत्तियों के मुद्रीकरण को NMP में शामिल नहीं किया गया है.

प्रस्ताव में सड़क, रेलवे, हवाई अड्डों, खेल स्टेडियमों, बिजली पारेषण लाइनों और गैस पाइपलाइनों सहित संपत्ति को निजी ऑपरेटरों को सौंपना शामिल है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि NMP रोजगार के अवसर पैदा करेगा, जिससे उच्च आर्थिक विकास को सक्षम बनाया जा सकेगा और जन कल्याण के लिए ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों को एकीकृत किया जा सकेगा.

नीति आयोग ने बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर वाले मंत्रालयों के साथ मिलकर उन सेक्टर की लिस्ट बनाई है, जिनका मोनेटाइजेशन होना है.

रेलवे

सड़क

परिवहन और हाईवे

जहाजरानी

टेलीकॉम

बिजली

नागरिक उड्डयन

पेट्रोलियम और नेचुरल गैस

युवा मामले और खेल

एनएमपी सूची में संपत्ति में शामिल हैं- 26,700 किमी सड़कें, रेलवे स्टेशन, ट्रेन संचालन और ट्रैक, 28,608 सीकेटी किमी. पॉवर ट्रांसमिशन लाइनें, 6 गीगावॉट जलविद्युत और सौर ऊर्जा संपत्ति, 2.86 लाख किमी फाइबर संपत्ति और 14,917 टावर. दूरसंचार क्षेत्र, 8,154 किमी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन और 3,930 किमी पेट्रोलियम उत्पाद पाइपलाइन

ऐसा माना जा रहा है कि 4 साल में सड़कों के मोनेटाइजेशन से केंद्र सरकार को करीब 1.60 लाख रुपये की कमाई होगी.

वहीं 28,608 सर्किट किमी पावर ट्रांसमिशन को मोनेटाइज करके सरकार की कमाई 45200 रुपये के करीब होगी. वहीं 6 गीगावाट बिजली उत्पादन करने वाली संपत्ति मोनेटाइजेशन से सरकार को 39832 करोड़ रुपये की रकम मिलेगी.

गैस पाइपलाइन से 24 हजार 462 करोड़

8154 किलोमीटर नेचुरल गैस पाइप लाइन से सरकार को 24 हजार 462 करोड़ की कमाई हो सकती है.

3930 किलोमीटर प्रोडक्टर पाइपलाइन से 22504 करोड़ रुपए राजस्व मिलेंगे

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