– प्रदेश स्तरीय वक्फ बैठक में पहुंचे गिनती के जिला पदाधिकारी

भोपाल ब्यूरो
वक्फ संपत्तियों की हिफाजत और उनके विकास के लिए बुलाई गई प्रदेश स्तरीय वक्फ कांफ्रेंस में पहुंचे हर मुतवल्ली की एक जिज्ञासा थी, एक सवाल था और काम के दौरान आ रही ढेरों परेशानियां थीं। काम को लेकर वक्फ बोर्ड से लेकर स्थानीय प्रशासन से मिलने वाले असहयोगात्मक रवैए से भी वे असमंजस में थे। मप्र वक्फ बोर्ड
ने चर्चा और स्लाइड प्रेजेंटेशन के जरिए इन तमाम सवालों का जवाब भी दिया और भविष्य में काम के लिए अपनाई जाने वाली विधियां भी जिला पदाधिकारियों को समझाई। इस दौरान कई जिलों की सक्सेस स्टोरी भी स्लाइड के माध्यम से दिखाकर वक्फ जिम्मेदारों को बेहतर काम करने कि समझाइश दी गई।
मप्र वक्फ बोर्ड द्वारा शनिवार को ताजुल मसजिद परिसर में प्रदेश स्तरीय कांफ्रेंस का आयोजन किया था। इस दौरान करीब ३८ जिलों के प्रतिनिधियों को बुलाया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत कुरआन की तिलावत से की गई। इसके बाद कार्यक्रम में मौजूद काजी ए शहर सैयद मुश्ताक अली नदवी, शहर मुफ्ती अबुल कलाम, वक्फ बोर्ड प्रशासक दिलीप कुमार यादव, सीईओ जमील खान आदि ने वक्फ संपत्तियों को सहेजने को इबादत करार देते हुए इसके लिए बेहतर कोशिश की हिदायत दी। प्रशासक दिलीप कुमार यादव ने बोर्ड द्वारा किए जा रहे प्रयासों की बात कही। सीईओ जमील खान ने वक्फ संपत्तियों के विकास की योजनाएं और इसके लिए बोर्ड के सहयोग का जिक्र किया।

जिम्मेदारों की भूमिका
वक्फ संपत्तियों के विकास, काम में आने वाली बाधाओं, समन्वय से किए जा सकने वाले कामों को एक प्रेजेंटेशन कार्यक्रम के दौरान दिया गया। राजगढ़ स्थित वक्फ बदखशानी के जिम्मेदार एहतेशाम सिद्दीकी और साकिब खान ने इसको तैयार किया था। कार्यक्रम के दौरान इंदौर जिला वक्फ कमेटी अध्यक्ष डॉ शकील राज, नवाब पठान, देवास जिला अध्यक्ष शाहिद मोदी आदि ने विभिन्न मामलों की जानकारी मौजूद लोगों को दी।

झलकियां
सुबह ११ बजे शुरू होने वाला कार्यक्रम करीब एक घंटे की देरी से शुरू हो पाया।
– कार्यक्रम में बुलाए गए करीब २३ जिलों के प्रतिनिधि नहीं पहुंचे।
– कार्यक्रम का पहला सत्र मेहमानों के भाषण में ही निकल गया। जबकि दूसरे सत्र में एजेंडे पर बात शुरू हो पाई।
– प्रदेश भर से बुलाए गए कुल ३८ जिलों के प्रतिनिधियों के अलावा कुछ मौजूदगी स्थानीय लोगों की थी। इस तादाद से ज्यादा पुलिस बल की दिखाई दे रही थी। कार्यक्रम स्थल के बाहर बड़ी तादाद में मौजूद पुलिस के अलावा अंदर हॉल में भी पुलिस अधिकारी दिखाई दिए।

शासकीय खर्च से किए गए कार्यक्रम में विभागीय मंत्री रामखिलावन पटेल, पूर्व मंत्री आरिफ अकील, विधायक आरिफ मसूद या किसी अन्य सियासी व्यक्ति की गैर मौजूदगी चर्चा का विषय रही।

खान अशु

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