मराठा आरक्षण को लेकर महाराष्ट्र में जारी आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है. अपने लिए आरक्षण की मांग कर रहे मराठा क्रांति मोर्चा ने बुधवार को मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे, पालघर, नासिक और रायगढ़ बंद की अपील की है. इस अपील का असर भी यहां के कई इलाकों में देखा जा रहा है. आंदोलनकारी सुबह से ही बाजार खुलने नहीं दे रहे हैं. जो कारोबारी अपनी दुकानें खोल रहे हैं, उन्हें जबरन बंद करा दिया रहा है. ठाणे, जोगेश्वरी में लोकल ट्रेनें रोक दी गईं. नवी मुंबई के घंसोली, घाटकोपर, मुलुंड, सायन में बसों पर पथराव किया गया. इन सभी इलाकों में पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है.

मंगलवार को औरंगाबाद में युवक की आत्महत्या के बाद आंदोलन हिंसक हो गया. आंदोलनकारियों ने परभणी, अहमदनगर और नासिक में सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की. प्रशासन ने एहतियातन औरंगाबाद में हिंसा के बाद इंटरनेट सेवा बंद कर दी. मराठवाड़ा के 8 जिलों में ऐहतियातन ज्यादातर प्राइवेट स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए हैं. वहीं पिंपरी चिंचवाड़ में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यक्रम में प्रदर्शन कर रहे 20 लोगों को हिरासत में लिया गया. कल्याण के कई निजी स्कूलों में बुधवार को छुट्टी घोषित कर दी गई है. पालघर और भोइसर में बस और निजी रिक्शा सेवा बंद रही.

हालांकि, मराठा क्रांति मोर्चा की बैठक में फैसला किया गया कि बंद में स्कूल-कॉलेजों, मेडिकल स्टोरों, एंबुलेंस और मूलभूत सुविधाओं को शामिल नहीं किया गया है. उनकी तरफ से यह भी कहा गया है कि बंद के दौरान किसी प्रकार की हिंसा या तोड़फोड़ नहीं होगी. गौरतलब है कि आंदोलनकारी अन्य पिछड़ा वर्ग के तहत मराठा समुदाय के लिए सरकारी नौकरियों और शिक्षा में 16 फीसदी आरक्षण की मांग कर रहे हैं. यह मामला बॉम्बे हाईकोर्ट में लंबित है.

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