डॉक्टर मंजूर आलम का आज निधन हो गया। भारत की राजनीति में और भारत के सामाजिक-आर्थिक विषयों को जनाभिमुख बनाने में डॉक्टर मंजूर आलम का बहुत बड़ा योगदान रहा। उन्होंने मुस्लिम समाज को एक विशेष दृष्टिकोण दिया और पूरे देश में मानवता के आधार पर विभिन्न वर्गों और समुदायों को एक साथ बैठकर समस्याओं को हल करने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया। डॉक्टर मंजूर आलम ने विभिन्न संस्थाएं बनाई, जो लोगों के हित के लिए काम कर रही हैं।
अब ऐसे लोग नहीं हैं, जो लगातार देश के बारे में ही सोचते हों। डॉक्टर मंजूर आलम के निधन ने सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विश्व के कई हिस्सों में एक बड़ी शून्यता पैदा कर दी है। भारत के अलावा अमेरिका, सऊदी अरब, यूएई और मलेशिया में डॉक्टर मंजूर आलम को मानने वाले और उनके विमर्श में विश्वास रखने वाले बहुत सारे लोग आज असहाय हो गए हैं।
मलेशिया के प्रधानमंत्री डॉ. अनवर इब्राहिम उनके व्यक्तिगत मित्र थे। वह जब नेता विरोधी दल थे, तब डॉक्टर मंजूर आलम ने लगभग चार या पाँच बार उन्हें भारत बुलाया था। डॉ. अनवर इब्राहिम से मेरी मुलाकात डॉ. मंजूर आलम ने ही कराई थी।
भारत के साथ-साथ विश्व का बुद्धिजीवी वर्ग डॉ. मंजूर आलम को अपने हृदय से श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। अलविदा डॉक्टर मंजूर आलम साहब…
—संतोष भारतीय













