उत्तर प्रदेश की सियासत में गधे की एंट्री तो आपको याद ही होगी. कुछ उसी तरह इन दिनों सूबे की सियासत सांड़ के इर्द गिर्द घूमती नज़र आ रही है. कन्नौज रैली में सांड़ के तांडव पर अखिलेश के बयान पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पलटवार किया है.

एक चुनावी जनसभा को संबोधित करने शाहजहांपुर पहुंचे सीएम योगी ने कहा कि कन्नौज की गठबंधन की रैली में घुस आए नंदी बाबा को जब यह पता चला कि रैली कसाइयों का समर्थन करने वालों की हो रही है तो उन्होंने रौद्र रूप दिखाया, नंदी बाबा को हटाने के सारे जतन किए गए, लेकिन कोई सफल नहीं हुआ.
जब उनसे यह प्रार्थना की गई थी भाई इस सपा का भी काम चलने दो तो वह शांत होकर वहां से चले गए थे. इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी जमकर हल्ला बोला.


गौरतलब है कि बीते 25 अप्रैल को यूपी के कन्नौज में सपा-बसपा और रालोद गठबंधन की रैली में एक सांड़ ने जमकर उत्पात मचाया था. जिसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव में सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसा था. उन्होंने एक ट्वीट भी था. इस ट्वीट में अखिलेश यादव ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि 21 महीनों में हमने एक्सप्रेसवे बनाया था, लेकिन पिछले 2 सालों में जनता 5 करोड़ आवारा पशुओं से परेशान हो गई है. अगर सरकार राजनीतिक कार्यक्रमों में सांड को घुसने से नहीं रोक पा रही है, तो ग़रीब किसानों का क्या हाल हो रहा होगा यह बस वही जानते होंगे.


जबकि एक अन्य ट्वीट में अखिलेश ने कहा कि ‘विकास’पूछ रहा है: आजकल आप देख रहे हैं कि नहीं कि किस तरह अनाथ साँड़ों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है? कल रैली में एक साँड़ अपना ज्ञापन देने घुस आया और भाजपा सरकार का गुस्सा बेचारे सिपाही पर निकाल डाला, जब उसे बताया कि ये उनको बेघर करने वालों की रैली नहीं है, तब जाकर वो शांत हुआ.

आपको बतादें कि अखिलेश की जनसभा में सांड़ घुसने से रैली स्थल पर भगदड़ मच गई थी. जबकि सांड़ पर काबू करने की कोशिश में सुरक्षाकर्मी घायल भी हो गए थे. वैसे यह कोई इकलौता मामला नहीं है.
बाराबंकी में प्रियंका गांधी के रोड शो के दौरान भी एक सांड़ ने काफी उत्पात मचाया था. जिससे थोड़ी देर के लिए अफरातफरी मच गई थी. काफी कोशिशों के बाद उसे खदेड़ा गया.