एक राज्यपाल भ्रष्टाचार के आरोप में मंत्री को तमिलनाडु में बर्खास्त कर रहा है ! ( जबकि मुख्यमंत्री ने अभितक कोई निर्णय नहीं लिया है ! ) और दुसरे महाराष्ट्र के राज्यपाल भ्रष्टाचारियों को हंसते – हंसते शपथ दिला रहे है ! और उसके बावजूद भाजपा पार्टी वुईथ डिफरेंस का दावा ठोक रही है ! क्या यही डिफरेंस है, “कि भाजपा के बाहर है तो भ्रष्टाचारी और अंदर है तो साफ धुला हुआ ! लगता है, कि अब सभी भ्रष्टाचारियों को भाजपा ने अपने अंदर ले लिया है ! तो फिर देश की और अलग- अलग राज्यों की जनता ने इस तरह की भ्रष्ट भाजपा, भले रामनाम का जप करें ! और 2024 के पहले अयोध्या में राममंदिर का विमोचन करे !
जिस राम को मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम बोला जाता है ! और ” प्राण जाए पर वचन नही जाए” जैसे उक्तीया उनके नाम से मशहूर है ! और इसलिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का सब से प्रिय मंत्र ‘राम नाम का जप करना था’ ! और वह उसे अपने बीमारी से लेकर अंतिम क्षण तक जपते रहे ! यह तो राम के नाम पर अत्यंत हीन स्तर की राजनीति कर रहे हैं ! अपने आपको रामभक्त कहने वाले लोगों को अब समय आ गया है कि इन पाखंडीयो को सबक सिखाना है !
अभी – अभी कुछ दिन पहले पस्चिम महाराष्ट्र के एक सभा में उपमुख्यमंत्री श्री. देवेंन्द्र फडणवीस कह रहे थे, “कि वह जिंदगी में कभी भी एन. सी. पी. के साथ किसी भी तरह का राजनीतिक समझौता नहीं करेंगे !” और यह जो कुछ हुआ है ? यह क्या है ?
अजितदादा पवार, छगन भुजबळ, हसन मुश्रीफ सभी को ईडी के तरफसे चलाईं जा रही कारवाई का क्या ? अब भाजपा के साथ जाने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई खत्म ? भ्रष्टाचार के बारे में प्रधानमंत्री श्री. नरेंद्र मोदी ” न खाऊँगा और नही खाने दुंगा की” घोषणा का क्या ? या भाजपा के साथ जो आएगा वह अपने आप ही साफ हो जाता है ?
डबल इंजिन अब तो ट्रिपल होते जा रहा है ! यह भ्रष्टाचारियों से लदी गाडी कहा लेकर जा रहे हो ? पहले से ही निरव, ललित मोदी, माल्या, चौकसी, अदानी – अंबानी जैसे धनकुबेरोंसे लेकर यह सब भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए अगर आप अपनी सरकार का उपयोग कर रहे हो तो लोगों को आप लोगों को जगह बताने का समय आ गया है !
क्योकि नौ सालों के कार्यकाल में भारत की रिजर्व बैंक से लेकर सभी राष्ट्रीयकृत बॅंक तथा ईडी, सीबीआय, आई बी और इलेक्शन कमिशन, न्यायपालिका हमारे देश की सर्वोच्च संस्था संसद, तथा राष्ट्रपति से लेकर उपराष्ट्रपति और सभी संविधानिक संस्थान लचर करके रख दिए हैं !


और देश की एकता और अखंडता को खतरा ! मणिपुर तथा, समस्त उत्तर पूर्व तथा हिमालय पर्वत के क्षेत्र में लगभग सभी प्रदेश जिसमें कश्मीर का भी समावेश है ! और यह हमारे देश के सिमावर्ति इलाके गत पचास साल पहले से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की घुसपैठ की वजह से ही आज पहचान की राजनीति के शिकार हो रहे हैं ! और चर्च तथा अन्य धर्मों के प्रार्थना स्थलों पर हमले यह संघ की सनातन तकनीक के वजह से ! भारत में धार्मिक ध्रुवीकरण के वजह से ही ! आप कितने भी पाकिस्तान के लोगों की भारत में शामिल होने की इच्छा के विडियो बताते रहिए ! लेकिन हजारों वर्ष से भी अधिक समय से भारत में रह रहे विभिन्न धर्मों के लोगों को ! गुजरात से लेकर मुजफ्फरनगर, भागलपुर जैसे दंगे और अब वर्तमान में मणिपुर में जो कुछ चल रहा है ! क्या यह भारत की एकता और अखंडता के साथ खिलवाड़ नहीं हो रहा है ?


पाकिस्तानी अक्युपाइ कश्मीर के लोगों को भारत में शामिल होने की खबरों से, अपने कब्जे में किए गए टीवी चैनलों पर लगातार प्रसारित करने की फर्जी विडियो ! और भारत के हिस्से के कश्मीर से लेकर संपूर्ण हिमालय के प्रदेश, और उर्वरित भारतीय भूभाग में लगातार सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति करने से पहले से ही ! भारत में रह रहे अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को असुरक्षित मानसिकता में डालने की कृतियों को देखते हुए ! कौन अन्य देशों के अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को भारत में शामिल होने की प्रेरणा मिलेगी ?


सबसे पहले भारत में रह रहे सभी अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को हम भारत में सुरक्षित और सुखी जीवन बिता रहे हैं ! यह अभितक महसूस नहीं होने की मुख्य वजह संघ की विभाजनकारी तथाकथित उग्रहिंदूत्वादि कारगुजारियों के वजह से ! एक चौथाई से भी ज्यादा भारत में रह रहे अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों सचमुच भारत सुरक्षित और सुखी जीवन जीने वाला देश है ! यह भावना महसूस नहीं होती तब तक पाकिस्तान के कितने भी विडियो दिखाईए सब बेकार की बातें है ! और इस तरह के झूठी खबरों से हमारे तथाकथित मुख्य धारा के मिडिया संस्थाओं की विस्वसनियता और कम होने में काम आने वाली है !
आए दिन, गाय से लेकर कपड़े खानपान तथा प्रार्थना स्थल से लेकर विभिन्न कानून के आड में ! अल्पसंख्यक समुदायों को सताने की घटनाओं को बदस्तूर जारी रखते हुए ! इस तरह की उल्टी – पुल्टी खबरों को बताने से कुछ भी नहीं होनेवाला ! यह पाखंड के अलावा और कुछ नहीं है !
हम लोग पिछले तिस साल से भी अधिक समय से भारत – पाकिस्तान – बंगला देश फोरम के माध्यम से कम-से-कम तीनों देशों के बीच सहयोग और प्रेम निर्माण हो, तथा संरक्षण के उपर चल रहा बेतहाशा खर्च कम करने से लेकर, आपसी व्यापार तथा सामान्य नागरिकों को, एक दूसरे देशों में बेरोकटोक से आवाजाही करने के लिए सुविधा उपलब्ध कराने के लिए, विशेष रूप से कोशिश कर रहे हैं ! लेकिन भारत में या पाकिस्तान या बंगला देश में भी सांप्रदायिक राजनीति के रहते हुए यह असंभव है ! इसलिए हम लोगों की प्राथमिकता सांप्रदायिक राजनीति का अंत हो ! और सही मायने में सेक्युलर माहौल तैयार होने के बाद ही भारत – पाकिस्तान – बंगला देश में आपसी विश्वास और भाईचारा स्थापित हो सकता है !
डॉ. सुरेश खैरनार, 3 जुलाई 2023, नागपुर

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