आख़िर वही हुआ, जिसका अनुमान पिछले एक महीने से झारखंड के राजनीतिक हलकों में लगाया जा रहा था. जल, जंगल एवं जमीन की लड़ाई तेज करने के आह्वान के साथ राज्य के चार दिग्गज तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए. झारखंड में तृणमूल कांग्रेस की यह सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है. शिबू सोरेन के सगे भाई लालू सोरेन के टीएमसी में शामिल होने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा में हलचल मच गई है. राज्य में तृणमूल कांग्रेस की दमदार उपस्थिति ने सबको हैरान करके रख दिया है. कई निर्दलीय विधायकों के भी तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा ने जोर पकड़ लिया है. झारखंड जनाधिकार मंच के विधायक बंधु तिर्की, पूर्व मंत्री अकलू राम महतो, शिबू सोरेन के भाई लालू सोरेन एवं देश की पहली महिला हॉकी कोच आश्रिता टूटी तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए. दोनों विधायकों ने अपने-अपने संगठन का विलय भी टीएमसी में कर दिया और ममता बनर्जी के साथ राज्य में जल, जंगल एवं जमीन की लड़ाई तेज करने का आह्वान किया.
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव मुकुल राय की उपस्थिति में इन दिग्गजों ने स्वयं के टीएमसी में शामिल होने की घोषणा की. हरमू मैदान में आयोजित मिलन समारोह में मुकुल राय ने कहा कि बंधु तिर्की एवं चमरा लिंडा अब झारखंड विधानसभा में टीएमसी विधायक हो गए हैं और इसकी लिखित सूचना झारखंड विधानसभा अध्यक्ष को दे दी गई है. कार्यक्रम में उपस्थित झारखंड पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष सूर्य सिंह बेसरा ने घोषणा की कि
जेपीपी का टीएमसी से 25 फरवरी को ही चुनावी गठबंधन हो चुका था. दोनों पार्टियां झारखंड, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल एवं छत्तीसगढ़ में कुल 30 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. इस मौ़के पर टीएमसी महासचिव मुकुल राय ने कहा कि झारखंड गठन के 13 वर्ष हो गए और इस दौरान 9 मुख्यमंत्री बने, लेकिन हालात नहीं सुधरे. राज्य में हर तरफ़ समस्या ही समस्या है. अब हम मिलकर पश्चिम बंगाल एवं झारखंड के लिए काम करेंगे. लोकसभा चुनाव नज़दीक है, सभी मिलकर ममता दीदी को देश का पीएम बनाएंगे. उन्होंने कहा कि बहुत जल्द ही झारखंड में ममता दीदी, अन्ना हजारे एवं जामा मस्जिद के इमाम बुखारी आएंगे और यहां की समस्याओं पर विचार करके नया राजनीतिक विकल्प खड़ा करने का काम करेंगे.
विधायक बंधु तिर्की ने कहा कि ममता मां, मानुष एवं माटी की लड़ाई लड़ती हैं और हम भी जल, जंगल एवं जमीन की. ऐसे में दोनों की नीतियां एवं विचारधारा एक है. हम ममता दीदी के साथ मिलकर झारखंड में नया राजनीतिक विकल्प खड़ा करेंगे. लोकसभा चुनाव में मेहनत करके उन्हें देश का पीएम बनाने का काम करेंगे. विधायक चमरा लिंडा ने कहा कि 13 वर्षों के बाद भी झारखंड गठन का एजेंडा अधूरा है. अब हम ममता दीदी के साथ मिलकर झारखंड को एक नई दिशा प्रदान करेंगे. वह भी संघर्ष करती रही हैं और हम भी. इसलिए हम सभी ने एक मंच पर आने का निर्णय लिया. ममता दीदी को पीएम बनाना एक अहम एजेंडा होगा. टीएमसी के साथ समझौते के तहत बंधु तिर्की रांची, चमरा लिंडा लोहरदगा एवं लालू सोरेन दुमका संसदीय सीट से चुनाव लड़ेंगे. इस बात पर सहमति बन चुकी है. इसका औपचारिक ऐलान बहुत जल्द होगा.
टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं से मिली जानकारी के अनुसार, बंधु तिर्की को जल्द ही प्रदेश इकाई का अध्यक्ष बनाया जाएगा. इसके बाद लोकसभा चुनाव की रणनीति तय की जाएगी. राजकीय अतिथिशाला में सरना धर्मगुरु बंधन तिग्गा एवं डॉ. कर्मा उरांव टीएमसी के महासचिव मुकुल राय से मिले. तीनों नेताओं के बीच बंद कमरे में क़रीब 20 मिनट तक बातचीत हुई. झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन के छोटे भाई लालू सोरेन ने झामुमो छोड़ने के बाद कहा कि अगर तृणमूल कांग्रेस उन्हें दुमका से शिबू सोरेन के ख़िलाफ़ लोकसभा चुनाव में उतारेगी, तो वह चुनाव लड़ने को तैयार हैं. लालू सोरेन ने कहा कि वह 35 सालों से पार्टी में हैं, लेकिन उन्हें वह सम्मान नहीं मिला, जो मिलना चाहिए था. झामुमो अपनी नीतियों एवं सिद्धांतों से भटक गया है. कांग्रेस पार्टी झामुमो के साथ मिलकर प्रदेश को लूट रही है, मगर झामुमो के नेता सत्ता के लोभ में हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं. सबने मिलकर प्रदेश को चारागाह बना दिया है. जो आता है, यहां अपनी जेब भरता है. झारखंड खनिज संपदा से भरपूर है, लेकिन प्रदेश के ग़रीब लोग ग़रीब ही रह गए. अब बर्दाश्त नहीं होता, इसलिए पार्टी छोड़ने का ़फैसला किया है. लालू सोरेन ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की सादगी और अनुशासन ने उन्हें प्रभावित किया है. ममता आज भी हवाई चप्पल पहनती हैं. इतनी सादगी झामुमो में नहीं दिखती. उन्होंने कहा कि घर की बहू सीता सोरेन जेल में है, लेकिन कोई देखने वाला नहीं है. वह सीता को जेल से छुड़ाकर तृणमूल कांग्रेस में लाएंगे. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रदेश को ऐसे लुटते हुए नहीं देखना चाहिए. उन्हें पद से इस्तीफ़ा देकर चुनाव में उतरना चाहिए.
टीएमसी का बढ़ता कुनबा
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