
नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में चल रहे उठा-पठक के बीच लालू से अलग होने के बाद नीतीश ने बीजेपी के साथ मिलकर एक बार फिर सत्ता तक का सफर तय किया। राज्यपाल की उपस्थिति में नीतीश कुमार ने 6ठीं बार सीएम पद की शपथ ली। राज्यपाल ने 28 जुलाई को बहुमत परिक्षण कराने का फैसला दिया है। 28 जुलाई के बाद नीतीश बहुमत साबित कर पाते हैं तो उनके मंत्री शपथ लेंगे।
नीतीश के शपथ समारोह ने आरजेडी ने इस जबरदस्त विरोध किया। तेजस्वी यादव ने राज्यपाल पर निशाना साधते हुए कहा कि सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद हमे सरकार बनाने का बुलावा नहीं भेजा गया। तेजस्वी यादव ने नीतीश पर भी निशाना साधा उन्होंने कहा कि वो (नीतीश) किस मुंह से शपथ ले रहे हैं उन पर 302 का केस लगा है।
नीतीश के शपथ समारोह से पहले तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया कि हम आ रहे हैं राजभवन, इधर राज्यपाल ने भी आरजेडी के विधायकों को मिलने का समय दिया। आरजेडी का कहना है कि जब हमने राज्यपाल से अनुमति मांगी तो उन्होंने कहा कि अब मैं कुछ नहीं कर सकता मैंने लेटर दे दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बिहार में चल रहे सियासी घमासान के बाद नीतीश कुमार ने बुधवार शाम इस्तीफा दे दिया था।












